
उदित वाणी, जमशेदपुर : टेल्को थाना क्षेत्र में एक युवक की गिरफ्तारी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनके 16 वर्षीय नाबालिग बेटे को जानबूझकर 19 वर्ष का बालिग दर्शाया गया और उसे सीधे जेल भेज दिया गया। इस मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, टेल्को थाना पुलिस ने युवक को 10 जिंदा गोलियों के साथ गिरफ्तार किया था। शुरुआत में यह कार्रवाई पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही थी, लेकिन अब परिजनों के आरोपों के बाद मामला नया मोड़ ले चुका है। परिवार का कहना है कि उन्हें अब तक यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि उनके बच्चे की गिरफ्तारी किस परिस्थिति में हुई और उस पर क्या आरोप हैं।
परिजनों का आरोप है कि वे कई बार थाना पहुंचे, लेकिन उन्हें न तो सही जानकारी दी गई और न ही युवक से मिलने दिया गया। इस कारण परिवार में आक्रोश और चिंता दोनों बढ़ गए हैं। उनका कहना है कि यदि उनका बेटा वास्तव में नाबालिग है, तो उसके साथ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई होनी चाहिए थी, न कि उसे बालिग मानकर जेल भेजा जाता।
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या गिरफ्तारी के दौरान सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया? और क्या वास्तव में एक नाबालिग को बालिग दिखाकर जेल भेज दिया गया?

