
उदित वाणी जमशेदपुर ; अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता और खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच जिला प्रशासन ने पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के लिए कमर कस ली है. शहर में पेट्रोलियम एक्ट 1934 को कड़ाई से लागू कर दिया गया है, जिसके तहत ईंधन के भंडारण और वितरण के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.
ईंधन भंडारण और खरीद की नई सीमाएं
प्रशासन ने जार और ड्रम में ईंधन ले जाने पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं. पेट्रोल पंप संचालक आलोक सिंह के अनुसार, सुरक्षा और कालाबाजारी रोकने के लिए निम्नलिखित सीमाएं तय की गई हैं:
• पेट्रोल: जार या कैन में अधिकतम ₹3,000 तक का ही पेट्रोल दिया जा सकता है.
• डीजल: ड्रम या जार में अधिकतम ₹30,000 तक का ही डीजल उपलब्ध कराया जा सकता है.
• लाइसेंस अनिवार्य: यदि किसी को 20 लीटर से अधिक ईंधन जार या ड्रम में चाहिए, तो उसके लिए वैध परमिट या लाइसेंस दिखाना अनिवार्य होगा.
• वाहन मालिकों को राहत: यह सीमा केवल जार/ड्रम के लिए है. वाहन की टंकी (Tank) फुल करवाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है.
LPG गैस के लिए केवल डिजिटल बुकिंग: बिना DS नंबर नहीं मिलेगी डिलिवरी
शहर में रसोई गैस की कमी और लंबी वेटिंग लिस्ट को देखते हुए जिला आपूर्ति पदाधिकारी जुल्फिकार अंसारी ने व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं:
• अनिवार्य डिजिटल बुकिंग: अब गैस सिलिंडर केवल ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकेगा.
• DS नंबर का महत्व: बिना डीएस (DS) नंबर के सिलिंडर का लेन-देन पूरी तरह प्रतिबंधित है. नियमों के उल्लंघन पर एजेंसी और उपभोक्ता दोनों पर कार्रवाई हो सकती है.
• लंबित बुकिंग: वर्तमान में इंडियन ऑयल की 36,706, एचपी की 7,243 और भारत पेट्रोलियम की 4,836 बुकिंग लंबित हैं. प्रशासन का लक्ष्य अगले 10 दिनों में इस ‘बैकलॉग’ को समाप्त करना है.
प्रशासनिक निगरानी और छापेमारी
गैस नोडल पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि गैस एजेंसियों की लगातार जांच की जा रही है. कालाबाजारी की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए छापेमारी दल का गठन किया गया है ताकि उपभोक्ताओं को सही समय पर और निर्धारित मूल्य पर गैस मिल सके.

