
उदित वाणी, जमशेदपुर : जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) और मानगो नगर निगम क्षेत्र में विकास की रफ्तार सुस्त पड़ती दिख रही है। वर्तमान में 130 से अधिक ऐसी योजनाएं हैं जो कागजी कार्यवाही, निविदा और यहाँ तक कि शिलान्यास होने के बावजूद धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। इन योजनाओं के अटकने से स्थानीय जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
मैरिज हॉल और स्ट्रीट लाइट जैसी बड़ी योजनाएं शामिल
लंबित परियोजनाओं की सूची में कई जन-उपयोगी कार्य शामिल हैं। इनमें लगभग 80 लाख रुपये की लागत से बनने वाला मैरिज हॉल और किचन शेड (Marriage Hall & Kitchen Shed) प्रमुख है।
इस योजना के प्राक्कलन को मुख्य अभियंता, तकनीकी कोषांग, राँची द्वारा 16 अप्रैल 2025 को ही तकनीकी स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। विभाग के पास नागरिक सुविधा मद के तहत इस योजना के क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त निधि (Funds) उपलब्ध है। इस परियोजना का चयन विधायक सरयू राय की अनुशंसा पर 17 फरवरी 2025 को जिला योजना चयन समिति की बैठक में किया गया था।
इसके साथ ही, शहर की सुरक्षा और रोशनी के लिए करीब 2 करोड़ रुपये की लागत वाले पोल, स्ट्रीट लाइट और हाई मास्ट लाइट की योजनाएं भी अटकी हुई हैं।
शिलान्यास के महीनों बाद भी कार्यस्थल पर सन्नाटा
विकास कार्यों में देरी का मुख्य पहलू यह है कि कई योजनाओं का शिलान्यास भी हो चुका है:
• JNAC क्षेत्र: जिला योजना चयन समिति से पारित 50 योजनाओं की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इनका शिलान्यास 14 मार्च को ही कर दिया गया था, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ।
• मानगो क्षेत्र: यहाँ 81 योजनाएं पारित हैं जिनकी निविदा प्रक्रिया पूरी है। 30 दिसंबर को शिलान्यास होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू होने की प्रतीक्षा की जा रही है।
प्रशासनिक स्वीकृति के फेर में अटके करोड़ों के प्रोजेक्ट
तकनीकी रूप से तैयार होने के बाद भी लगभग 3 करोड़ 32 लाख 47 हजार रुपये की लागत वाली 5 महत्वपूर्ण योजनाएं नगर विकास विभाग में अटकी हुई हैं। इन योजनाओं का प्राक्कलन (Estimate) तैयार है और तकनीकी स्वीकृति भी मिल चुकी है, लेकिन प्रशासनिक स्वीकृति के अभाव में ये लंबे समय से लंबित पड़ी हैं।
शीघ्र कार्यारंभ की मांग
इन लंबित कार्यों को लेकर जिला प्रशासन और उपायुक्त से समन्वय स्थापित करने का आग्रह किया गया है। मांग की गई है कि संबंधित विभागों के साथ तालमेल बिठाकर इन परियोजनाओं को तुरंत धरातल पर उतारा जाए ताकि जनता को निर्धारित समय पर विकास कार्यों का लाभ मिल सके।

