
उदित वाणी, जमशेदपुर: शहर में इन दिनों घरेलू गैस की तुलना में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत ने गंभीर रूप ले लिया है. स्थिति यह है कि भारत गैस और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपी) द्वारा कमर्शियल गैस की आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी गई है, जबकि इंडेन गैस एजेंसी द्वारा मांग के मुकाबले मात्र 20 प्रतिशत ही आपूर्ति की जा रही है.
इस सीमित आपूर्ति के चलते फिलहाल अस्पताल कैंटीन जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि छोटे होटल, ढाबे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान गंभीर संकट से जूझ रहे हैं. एडीएम विधि-व्यवस्था राहुल आनंद ने बताया कि इंडेन के अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि आपूर्ति को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाएगा. इससे कुछ हद तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है.
स्टेशनरी बाजार पर भी पड़ा असर
खाड़ी क्षेत्र में चल रहे तनाव का असर अब शहर के स्टेशनरी बाजार पर भी दिखने लगा है. नए शैक्षणिक सत्र के बीच अभिभावकों को किताब, कॉपी और अन्य सामग्री पर पहले से अधिक खर्च करना पड़ रहा है.साकची के थोक व्यापारी एस के दत्ता के अनुसार डीजल महंगा होने से ढुलाई लागत बढ़ेगी, जिससे आने वाले दिनों में कीमतों में और वृद्धि हो सकती है. फिलहाल बाजार पुराने स्टॉक के सहारे चल रहा है, लेकिन नया माल आते ही दरें बढऩा तय है.
रसायनों की कीमतों में उछाल, उद्योगों पर संकट
खाड़ी युद्ध का प्रभाव आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र पर भी साफ दिखाई दे रहा है. रसायनों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी से उद्योगों की लागत बढ़ गई है. सोडियम सायनाइड की कीमत 205 रुपये प्रति किलोग्राम से बढक़र करीब 315 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है, जिससे धातु और रासायनिक उद्योगों पर सीधा असर पड़ा है. उद्योग जगत से जुड़े संगठनों का कहना है कि यदि जल्द हालात सामान्य नहीं हुए, तो आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के 50 से अधिक कारखानों को उत्पादन घटाना या बंद करना पड़ सकता है. इससे करीब 10 हजार मजदूरों की आजीविका पर संकट मंडरा सकता है. कारोबारियों के अनुसार अधिकांश रसायनों का आयात ईरान मार्ग से होता है, जो वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के कारण प्रभावित हुआ है.कमर्शियल गैस की किल्लत के बीच बंद पड़े होटल व औद्योगिक इकाइयां.

