
उदित वाणी, जमशेदपुर: देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स लिमिटेड ने ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए जमशेदपुर स्थित अपने प्लांट से पहली इलेक्ट्रिक हाइवा (हेवी कमर्शियल वाहन) को लॉन्च किया.
जमशेदपुर स्थित टाटा मोटर्स (Tata Motors) प्लांट से हाल ही में आधिकारिक रूप से बाहर (rollout) भेजा गया यह वाहन Tata Prima EV E.28K है. यह देश का पहला स्वदेशी तौर पर विकसित Electric Heavy Tipper (हाइवा) है, जिसे विशेष रूप से खनन (mining) और भारी निर्माण कार्यों के लिए डिजाइन किया गया है.
हेवी कमर्शियल इलेक्ट्रिक सेगमेंट में नई शुरुआत
यह पहली बार है जब जमशेदपुर स्थित प्लांट से किसी इलेक्ट्रिक हाइवा को आधिकारिक रूप से बाहर भेजा गया है. इससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी अब हेवी कमर्शियल वाहनों के इलेक्ट्रिक सेगमेंट में तेजी से अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही है.
जमशेदपुर प्लांट से रोल-आउट किया गया Tata Prima E.28K अपनी श्रेणी में एक क्रांतिकारी वाहन है, जिसमें 453 kWh की विशाल लिथियम-आयन (LFP) बैटरी क्षमता दी गई है. यह बैटरी वाहन को एक बार फुल चार्ज करने पर 150 से 220 किलोमीटर तक की रेंज (Run time/Distance) प्रदान करती है, जो खदानों और बंदरगाहों (ports) जैसे निर्धारित रूट वाले कार्यों के लिए पर्याप्त है.
सबसे खास बात इसकी चार्जिंग तकनीक है; यह DC Fast Charging को सपोर्ट करता है, जिससे इतनी बड़ी बैटरी को मात्र 1.5 से 2 घंटे में चार्ज किया जा सकता है. यह कम समय का ‘चार्जिंग ब्रेक’ इसे मल्टी-शिफ्ट ऑपरेशंस के लिए उपयुक्त बनाता है, जहाँ वाहन को दिन-रात काम में लगाया जा सकता है.
टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है क्योंकि अब यह प्लांट केवल पारंपरिक डीजल ट्रक ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक हेवी कमर्शियल व्हीकल (e-HCV) बनाने का केंद्र बन गया है.
विशेषताएं और लाभ
शून्य उत्सर्जन (Zero Emission): यह इलेक्ट्रिक हाइवा पूरी तरह से बैटरी चालित है, जिससे कार्बन फुटप्रिंट कम होता है. जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर और खदान क्षेत्रों में प्रदूषण कम करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है.
कम परिचालन लागत: डीजल हाइवा की तुलना में इसकी ‘Running Cost’ काफी कम है. इसमें गियर बदलने का झंझट नहीं है और इंजन न होने के कारण मेंटेनेंस का खर्चा भी न्यूनतम रहता है.
Regenerative Braking: इसमें ब्रेक लगाने पर ऊर्जा वापस बैटरी में स्टोर होती है, जो इसकी रेंज बढ़ाने में मदद करती है.
स्मार्ट फीचर्स: यह वाहन ADAS (Advanced Driver Assistance Systems), ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम और एयर कंडीशनिंग वाले आधुनिक ‘Prima Cabin’ के साथ आता है, जो चालक की सुरक्षा और आराम सुनिश्चित करता है.
अधिकृत ट्रांसपोर्टर के जरिए भेजा गया वाहन
इसकी बॉडी का निर्माण आदित्यपुर स्थित उत्कल ऑटो कोच (Utkal Auto Coach) द्वारा किया गया है.
लॉन्चिंग के बाद इस इलेक्ट्रिक हाइवा को अधिकृत ट्रांसपोर्टर सुंदर ट्रांसपोर्ट के माध्यम से कंपनी के आरएसओ (रीजनल स्टॉकयार्ड ऑफिस) यार्ड भेजा गया. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वाहन को सभी मानक फैक्ट्री-फिटेड उपकरणों के साथ सुरक्षित रूप से रवाना किया गया.
लागत में कमी और पर्यावरण को लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार, इलेक्ट्रिक हाइवा के इस्तेमाल से ईंधन लागत में कमी आएगी और कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज होगी. यह पहल न केवल परिवहन क्षेत्र में बदलाव लाएगी, बल्कि सतत विकास को भी बढ़ावा देगी.
ग्रीन ट्रांसपोर्ट की दिशा में अहम कदम
टाटा मोटर्स की यह पहल आने वाले समय में पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है.

