
उदित वाणी, जमशेदपुर: जमशेदपुर में गुरुवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक युवक की मौत से आक्रोशित परिजन उसका शव लेकर सीधे उपायुक्त (DC) कार्यालय परिसर पहुँच गए। सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के छायानगर निवासी सन्नी पुष्टि की इलाज के दौरान मौत के बाद परिजन प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगे।
पुलिस और परिजनों के बीच धक्का-मुक्की
परिजन शव के साथ कार्यालय के भीतर प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सुरक्षा कारणों से पुलिस ने उन्हें मुख्य द्वार पर ही रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। आक्रोश इस कदर था कि परिजनों ने सीतारामडेरा थाना प्रभारी आनंद मिश्रा के साथ भी धक्का-मुक्की की।
50 लाख मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन
प्रदर्शनकारी मौके पर उपायुक्त को बुलाने की मांग कर रहे थे। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित थीं:
मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उचित कार्रवाई की जाए।
मामले के सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना 31 मार्च को छायानगर में हुई एक हिंसक झड़प से जुड़ी है। बताया जाता है कि छेड़खानी के विवाद को लेकर दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था, जिसमें फायरिंग और धारदार हथियारों (चापड़) का इस्तेमाल किया गया था। इस हमले में सन्नी पुष्टि को एक आंख में गोली लगी थी और शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर वार किए गए थे। कई दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद गुरुवार को उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस की अब तक की कार्रवाई
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस प्रशासन ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और नियमानुसार मदद का आश्वासन दिया है, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल एहतियात के तौर पर कार्यालय परिसर और छायानगर इलाके में सुरक्षा बल तैनात हैं।

