उदित वाणी, जमशेदपुर: आगामी रामनवमी और विसर्जन जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला पुलिस पूरी तरह सतर्क मोड में आ गई है। बुधवार को साकची स्थित सीसीआर में सिटी एसपी कुमार शिवाशिष ने पीसीआर और टैंगो जवानों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जुलूस की शुरुआत से लेकर उसके सुरक्षित समापन और वापसी तक पुलिस की निगरानी लगातार बनी रहेगी।

सिटी एसपी ने बताया कि शहर के सभी संवेदनशील इलाकों, प्रमुख मंदिरों और मस्जिदों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खासकर देर रात और सुबह के समय गश्त तेज करने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विसर्जन जुलूस के दौरान पुलिस बल जुलूस के साथ-साथ चलेगा और गंतव्य तक पहुंचने के बाद ही सुरक्षा व्यवस्था में ढील दी जाएगी।
इस बार सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए कुल 1900 जवानों की तैनाती की गई है। इनमें 1300 जिला पुलिस के जवान हैं, जबकि 600 जवान बाहर से बुलाए गए हैं। इसके अलावा आरएपी और जैप-6 की विशेष टुकड़ियां भी तैनात रहेंगी। जरूरत पड़ने पर सीएपीएफ बल की भी तैनाती की जा सकती है। तकनीकी निगरानी को बढ़ाते हुए शहर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या 200 से बढ़ाकर 340 कर दी गई है और ड्रोन के जरिए भी जुलूस की निगरानी की जाएगी।
शहर के 38 महत्वपूर्ण स्थानों पर अस्थायी चेक पोस्ट और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। वहीं, ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं और जुलूस के रूट पर नो-एंट्री के नियम सख्ती से लागू रहेंगे।
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मानगो, कदमा सहित विभिन्न इलाकों में फ्लैग मार्च शुरू कर दिया गया है। सिटी एसपी ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार जुलूस की वापसी यात्रा पर भी विशेष ध्यान देना होगा, ताकि पूरा आयोजन बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके। उन्होंने शहरवासियों से भी शांति और सहयोग बनाए रखने की अपील की है।


