
उदित वाणी, जमशेदपुर: डीएवी पब्लिक स्कूल बिष्टूपुर में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावक सोमवार को उस समय सकते में आ गए जब एक साथ स्कूल के 100 विद्यार्थियों को कथित तौर पर फेल कर दिया गया.
इसपर अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप मढ़ दिया. इसपर डीएवी की प्रिंसिपल ने कहा कि पास-फेल होना परीक्षा का हिस्सा है और इसमें ऐसी कोई बात नहीं जिसपर हाय-तौबा की जाए.
जी हां, सोमवार को एक साथ कई विद्यार्थियों को फेल कर दिया गया. ये विद्यार्थी 11वीं के हैं. अभिभावकों का दावा है कि स्कूल में एक साथ 11वीं विज्ञान संकाय के 100 विद्यार्थियों को फेल किया गया है. स्कूल ने इस बात की पुष्टि की है कि एक साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी फेल हुए हैं और उन्हें रिटेस्ट देकर 12वीं में जाने का एक और मौका भी दिया जाएगा.
रिटेस्ट में फिर फेल होने पर उन्हें 11वीं कक्षा में रिपीट किया जाएगा. डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल प्रज्ञा सिंह ने कहा कि स्कूल में विद्यार्थियों के फेल होने की बात सामान्य है.
अच्छा नहीं करने वाले बच्चों को रिटेस्ट देने का मौका दिया जाएगा. अगर विद्यार्थी रिटेस्ट में भी उत्तीर्ण नहीं होते हैं, तो उन्हें 11वीं कक्षा में रिपीट किया जाएगा. इधर, जिनके बच्चों को परीक्षा में फेल किया गया है, वैसे अभिभावक सकते में हैं और स्कूल पर बच्चों को ठीक से न पढ़ाने का आरोप लगा रहे हैं.
एक अभिभावक ने कहा कि स्कूल प्रशासन अभिभावकों के ऊपर बच्चों को 11वीं क्लास में रिपीट करवाने का दवाब दे रहे है. प्रिंसिपल प्रज्ञा सिंह ने उनसे कहा है कि अगर आपके बच्चे में साइंस पढ़ने की काबिलियत नहीं है तो वे फेल होंगे ही.
अभिभावकों का कहना है ये बच्चे बचपन से इनके स्कूल में पढ़ रहे हैं और सभी टीचर और प्रिंसिपल को मालूम है कि बच्चे की क्या काबिलियल है. ऐसे में 11वीं के दाखिले के समय ये टीचर और प्रिंसिपल क्यों नहीं अभिभावक को बताते हैं कि उनको कौन सा विषय का चयन करना चाहिए. अभिभावकों ने कहा कि इन बच्चों का आगे क्या भविष्य होगा. इनका पूरा एक साल बर्बाद हो जाएगा.

