
उदित वाणी आदित्यपुर (का.प्र.) : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), जमशेदपुर में आगामी 29 दिसंबर को महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित आगमन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं. सुरक्षा और सौंदर्यीकरण को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में है. इसी क्रम में मंगलवार को पान दुकान चौक से लेकर एनआईटी गेट तक व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई.
उप नगर आयुक्त पारुल सिंह, आदित्यपुर थाना प्रभारी विनोद तिर्की और आरआईटी थाना प्रभारी संजीव कुमार सिंह की मौजूदगी में सशस्त्र पुलिस बल के साथ यह अभियान चलाया गया. इस दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से लगाए गए दुकानों और ठेलों को जेसीबी व पॉकलेन मशीन की मदद से हटाया गया. अचानक हुई इस कार्रवाई से सैकड़ों दुकानदारों में हड़कंप मच गया.

अभियान के दौरान स्थानीय दुकानदारों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. दुकानदारों का कहना है कि उन्हें पूर्व सूचना दिए बिना ही कार्रवाई की गई, जिससे वे अपनी दुकानों और उसमें रखे सामान को हटाने का मौका नहीं पा सके. कई दुकानदारों ने आरोप लगाया कि उनका कीमती सामान जेसीबी कार्रवाई में क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे उन्हें लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. कार्रवाई के बाद दुकानदारों में भारी आक्रोश देखने को मिला और अपनी रोजी-रोटी को लेकर चिंता भी साफ झलकी.
अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल
अतिक्रमण हटाओ अभियान और इससे हुए नुकसान को लेकर जब मीडिया ने नगर निगम के पदाधिकारियों से पक्ष जानने की कोशिश की, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया. अधिकारियों की इस चुप्पी ने दुकानदारों के गुस्से को और बढ़ा दिया है.
वहीं प्रशासनिक टीम का कहना है कि शहर को साफ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए यह अभियान जरूरी था. हालांकि अचानक हुई कार्रवाई से प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास और मुआवजे को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है.

