
उदित वाणी, रांची: आयडा की पूर्व अध्यक्ष एवं उद्योग, कार्मिक व कैबिनेट विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल को झारखंड हाईकोर्ट के डबल बेंच ने अंतरिम राहत दी.
हाईकोर्ट के जस्टिस अपरेश कुमार सिंह व जस्टिस दीपक रौशन की खंडपीठ ने आयडा में नियमों का पालन किये बिना जमीन आवंटित करने के मामले में एकल पीठ द्वारा सीबीआई जांच और दादेल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने संबंधी दिये गए आदेश पर अंतरिम आदेश पारित किया.
इसके साथ ही खंडपीठ ने राज्य सरकार की दलील सुनने के प्रतिवादी को नोटिस जारी किया है. मामले में अब अगली सुनवाई 18 अक्टूबर निर्धारित की गई है. मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के महाधिवक्ता राजीव रंजन व अधिवक्ता पीयूष चित्रेश ने पक्ष रखते हुए खंडपीठ को बताया कि एकल पीठ के सीबीआई जांच का आदेश उचित नहीं है.
एकल पीठ ने सभी बिंदुओं व प्रावधानों पर गौर नहीं किया. उन्होंने कहा कि एकल पीठ के आदेश से आयडा में व्यावसायिक गतिविधियां भी प्रभावित होंगे तथा महाधिवक्ता ने एकल पीठ के आदेश पर रोक लगाने का आग्रह किया था.
गौरतलब है कि प्रार्थी वंदना दादेल ने मामले में हाईकोर्ट के डबल बेंच में अपील याचिका दायर करके एकल पीठ के 22 सितंबर के आदेश को गलत बताते हुए उक्त आदेश को निरस्त करने का आग्रह किया है.
वही हाईकोर्ट की एकल पीठ द्वारा इस मामले में आदेश दिया था कि आयडा में नियमों का उल्लंघन कर जमीन आवंटित करने और कई संस्थानों के लिए जमीन की व्यावसायिक दर तय करने संबंधी मामले की जांच सीबीआई करेगी.
एकल पीठ द्वारा मामले में आयडा की तत्कालीन अध्यक्ष वंदना दादेल की संलिप्तता मानते हुए उनके खिलाफ भी सीबीआई को जांच का आदेश दिया था.
साथ ही एकल पीठ द्वारा राज्य के मुख्यसचिव से कहा था कि दादेल ने अदालत को गुमराह किया है और तथ्यों को छिपाया है. इसकी भ जांच करें और तथ्य मिलने पर आदेश मिलने के 15 दिनों के अंदर कार्रवाई करें. हाईकोर्ट की एकल पीठ ने बेबको मोटर्स की अर्जी पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश दिया था.

