
उदित वाणी, नई दिल्ली/जमशेदपुर: भारतीय जनता पार्टी के आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों को धार देने के लिए नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में केंद्रीय प्रशिक्षण टोली की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्वी भारत के संयोजक डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी मुख्य रूप से सम्मिलित हुए।
राष्ट्रीय नेतृत्व ने तय की भविष्य की रूपरेखा
बैठक के दौरान संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं के वैचारिक प्रशिक्षण पर विस्तृत चर्चा की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में राष्ट्रीय नेतृत्व का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
नितिन नवीन (राष्ट्रीय अध्यक्ष): उन्होंने प्रशिक्षण के माध्यम से कार्यकर्ताओं के कौशल विकास और पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने पर जोर दिया।बी.एल. संतोष (राष्ट्रीय संगठन महामंत्री): आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रणनीति और संगठनात्मक ढांचे की मजबूती पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
शिव प्रकाश व तरुण चुग: राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री और राष्ट्रीय महामंत्री ने प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन और उनके सफल क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
पूर्वी भारत में प्रशिक्षण अभियान को मिलेगी गति
पूर्वी भारत के संयोजक के रूप में डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने क्षेत्र की संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी साझा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी महीनों में देश भर में आयोजित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करना था, ताकि पार्टी कार्यकर्ता नई ऊर्जा और स्पष्टता के साथ चुनावी व सामाजिक चुनौतियों का सामना कर सकें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मार्गदर्शन में आयोजित इस बैठक में प्रशिक्षण के चार प्रमुख स्तंभों पर जोर दिया गया।
वैचारिक स्पष्टता: कार्यकर्ताओं को पार्टी की मूल विचारधारा, इतिहास और “अंत्योदय” के सिद्धांतों से गहराई से जोड़ना, ताकि वे विरोधियों के “भ्रामक नैरेटिव” का प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सकें।
तकनीकी सशक्तिकरण: डिजिटल युग की चुनौतियों को देखते हुए कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग में दक्ष बनाना, जिससे सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार आधुनिक तरीके से हो सके।
बूथ प्रबंधन और जनसंपर्क: प्रशिक्षण का एक बड़ा लक्ष्य बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को सरकारी योजनाओं की सटीक जानकारी देना है, ताकि वे ‘डबल इंजन’ सरकार की उपलब्धियों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचा सकें।
नेतृत्व विकास: नेता बनने से पहले कार्यकर्ता बनना” के मंत्र के साथ नए सदस्यों और अन्य दलों से आए लोगों को भाजपा की कार्यपद्धति और कार्य-संस्कृति में ढालना।

