
उदित वाणी, जमशेदपुर: वीकएंड होने के चलते शनिवार को जमशेदपुर पुस्तक मेला गुलजार रहा. सुबह 10 बजे से ही पुस्तक प्रेमी और स्कूली स्टूडेन्ट्स विभिन्न स्टॉलों पर पुस्तकों को देखते और खरीदते मिलें.
मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल के छात्र संजीव ने बताया कि वह आरडी शर्मा के मैथ की पुस्तक खरीदने आए हैं, जबकि तपन मंडल बांग्ला पुस्तकों के स्टॉल पर टैगोर की किताबों में रमे थे. पूछने पर कहा-हर साल पुस्तक मेला में आते हैं. कोरोना की वजह से दो साल से पुस्तक मेला के आयोजन नहीं होने से पुस्तक मेला में आने का जो सुख है, वह नहीं मिल पाया.
यही कारण है कि आज दिन में ही आ गया, ताकि शाम की भीड़ से बचा जा सके. हर साल मेला में आने वाले पूजा बुक स्टोर के सूरज जायसवाल ने कहा कि इस साल भी साहित्य से लेकर आम जीवन पर आधारित पुस्तकों को लेकर आए हैं.
उनकी कई नई पुस्तकें भी आई हैं, जिसका लोकार्पण रविवार शाम को होगा. इत्तफाक से दो पुस्तकों के लेखक जमशेदपुर के हैं, जो लोकार्पण समारोह में मौजूद रहेंगे.
बच्चों की पुस्तकों के साथ पेंटिंग्स की किताबें भी
इस साल मेला में बच्चों की पुस्तकों की भरमार है. साथ ही कई ऐसे स्टॉल हैं, जो स्कूल के कोर्स की किताबों को लेकर आए हैं. बच्चों की पुस्तकों में कहानी की पुस्तकों के साथ ही चित्रकारी की पुस्तकों की मांग ज्यादा है. अधिकतर प्रकाशकों का कहना है कि जमशेदपुर में पेंटिंग्स की किताबें भी काफी बिकती है.
12 हजार स्टूडेन्ट्स के बीच पास वितरित
स्कूली बच्चों को मेला में लाने के लिए टैगोर सोसायटी ने इस साल शहर के विभिन्न स्कूलों के 12 हजार विद्यार्थियों को दो रूपए के पास जारी किए हैं, ताकि स्टूडेन्ट्स ज्यादा से ज्यादा मेला में आ सके.
टैगोर सोसायटी के महासचिव आशीष चौधरी ने बताया कि 14 नवम्बर को बाल दिवस है. हमारी कोशिश है कि इस दिन ज्यादा से ज्यादा बच्चे आएं. उन्होंने बताया कि आज के बच्चे किताबों से कट गये हैं. ऐसे में इन्हें पुस्तकों से जोड़ना जरूरी है.
हिन्दी के साहित्य की पुस्तकें भी
मेले में इस साल भी हिन्दी साहित्य की पुस्तकें आई हैं. राजकमल प्रकाशन से लेकर वाणी प्रकाशन, राही प्रकाशन, सस्ता साहित्य प्रकाशन और पूजा बुक स्टोर में साहित्य की पुस्तकें हैं. धार्मिक पुस्तकों में इस साल ओशो की पुस्तकों के साथ ही गीता प्रेस का स्टॉल आकर्षण बना हुआ है.
जीवन बदलने वाली पुस्तकें भी
मेले में इस साल भी वैसी पुस्तकों को भरमार है, जो जीवन को बदलने में सहायक है. कोविड के बाद स्वास्थ और फिटनेस को लेकर कई किताबें मेले में आई है.
साथ ही मोटिवेशन की किताबों के साथ ही जीवन जीने के तरीके और अच्छी आदतों को लेकर पुस्तकें खरीदी जा सकती है. देशी लेखकों के साथ ही विदेशी लेखकों की पुस्तकें, जीवनियां और अनुवाद की भरमार है. कई स्टॉल अपनी पुस्तकों पर 50 फीसदी का डिस्काउंट दे रहे हैं.

