
घाटशिला: घाटशिला प्रखंड के कालचित्ति पंचायत अंतर्गत बुरुडीह, रामचन्द्रपुर, टीकरी, हिरागंज एवं कालचित्ति गांव में 32 हाथियों के एक साथ विचरण करने से ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। बुधवार की देर रात हाथियों का यह विशाल झुंड, जिसमें कई शावक भी शामिल हैं, बुरुडीह गांव के बेहद करीब पहुंच गया। हाथियों की मौजूदगी के कारण ग्रामीण पूरी रात जागकर गुजारने को मजबूर हैं।
वन विभाग की QRT टीम ने फोड़े पटाखे, हाथियों को खदेड़ा
हाथियों के आगमन की सूचना मिलते ही बुरुडीह, रामचन्द्रपुर, टीकरी, हिरागंज एवं कालचित्ति के सैकड़ों ग्रामीण एकत्रित हो गए और तत्काल वन विभाग की क्यूआरटी (QRT) टीम को सूचित किया। 32 हाथियों की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और जमकर बम-पटाखे फोड़े। इसके बाद हाथियों का झुंड टिकरी पहाड़ की ओर चला गया।
ध्वनि विस्तारक यंत्र से ग्रामीणों को किया गया जागरूक
वन विभाग की टीम ने रात में ही ध्वनि विस्तारक यंत्र (लाउडस्पीकर) के माध्यम से प्रभावित गांवों के लोगों को सतर्क किया। वन कर्मियों ने जागरूक करते हुए बताया कि हाथी फिलहाल पहाड़ की ओर मुड़ गए हैं, लेकिन वे रात के किसी भी समय दोबारा गांव में धमक सकते हैं। सुरक्षा के लिहाज से ग्रामीणों को रात के समय घर से बाहर न निकलने की कड़ी सलाह दी गई है।
शावकों के कारण समतल रास्ते की तलाश में हाथी
विशेषज्ञों का मानना है कि झुंड में 6 से 7 छोटे शावक हैं, जिसके कारण हाथी ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों के बजाय समतल रास्ते से दूसरे स्थान पर जाना चाह रहे हैं। चूंकि ये गांव चारों ओर से पहाड़ों से घिरे हैं और समतल रास्ता इन्हीं गांवों से होकर गुजरता है, इसलिए हाथी क्षेत्र से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं और बार-बार गांवों की ओर रुख कर रहे हैं।
किसानों को सता रही फसलों की बर्बादी की चिंता
बुरुडीह, रामचन्द्रपुर, टुकरी, हिरागंज एवं कालचित्ति गांव के किसानों ने बड़े पैमाने पर गरमा धान और सब्जियों की खेती की है। किसानों को डर है कि यदि 32 हाथियों का यह झुंड खेतों में घुसता है, तो फसल पूरी तरह नष्ट हो जाएगी। वर्तमान में हाथी गांव के पास स्थित पहाड़ में ही विचरण कर रहे हैं, जिससे रात में उनके पुन: गांव में प्रवेश करने की आशंका बनी हुई है।

