
उदित वाणी, हजारीबाग : झारखंड के हजारीबाग जिले के बरकट्ठा और गोरहर थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित लेबड़ा जमुआ में मंगलवार को रामनवमी के पूर्व निकाले गए मंगला जुलूस के दौरान पुलिस-प्रशासन और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई. बिना लाइसेंस के तय मार्ग से इतर जुलूस ले जाने से रोकने पर भड़की भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें चार पुलिसकर्मियों सहित कई ग्रामीण घायल हो गए.
स्थिति को बिगड़ते देख एसडीएम जोहन टुडू और एसडीपीओ अजीत कुमार विमल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस बल ने भीड़ को खदेड़कर स्थिति को नियंत्रित किया. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह घटना दो समुदायों के बीच नहीं, बल्कि जुलूस में शामिल लोगों और पुलिस के बीच हुई है.
जानकारी के मुताबिक, मंगला जुलूस तुईओ गांव से निकलकर कपका, बुढ़ीयाडीह और बुचैई का भ्रमण करते हुए लेबड़ा जमुआ के रास्ते वापस लौट रहा था. इसी दौरान पुलिस ने संवेदनशीलता और मार्ग का लाइसेंस न होने का हवाला देते हुए जुलूस को आगे बढ़ने से रोका. प्रशासन की इस कार्रवाई से जुलूस में शामिल महिला-पुरुष आक्रोशित हो गए और देखते ही देखते पुलिस व पब्लिक के बीच झड़प शुरू हो गई.
विवाद बढ़ने पर भीड़ की ओर से पथराव शुरू कर दिया गया, जिसमें कई लोग चोटिल हुए हैं. घटना के बाद पुलिस ने मौके से छह बाइक जब्त किया है. एसडीएम जोहन टुडू ने कहा कि मंगला जुलूस के पास उक्त मार्ग का वैध लाइसेंस नहीं था और इसे जबरन ले जाने की कोशिश की जा रही थी. उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही उन अफवाहों का खंडन किया जिसमें इस घटना को दो समुदायों के बीच का विवाद बताया जा रहा है.
एसडीएम ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और लोग किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें. वहीं, एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. फिलहाल एहतियात के तौर पर घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति सामान्य बनी हुई है.
(आईएएनएस)

