उदित वाणी,गिरिडीह : गिरिडीह जिले में लंबे समय से लंबित होमगार्ड बहाली प्रक्रिया को पुनः शुरू करने की मांग को लेकर मंगलवार को अभ्यर्थियों का आक्रोश फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने शहर के झंडा मैदान से उपायुक्त (DC) कार्यालय तक नंगे पैर मार्च निकालकर प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। युवाओं का कहना है कि वे वर्षों से बहाली की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन मिल रहा है। बाद में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया।
इन प्रखंडों में अटकी है बहाली प्रक्रिया
अभ्यर्थियों के अनुसार, जिले के जमुआ, गांडेय और गांवा प्रखंड में होमगार्ड बहाली की प्रक्रिया लंबे समय से अधर में लटकी हुई है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि:
शारीरिक और लिखित परीक्षा की तैयारी में युवाओं का काफी समय और पैसा खर्च हो चुका है।
बहाली में देरी के कारण हजारों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है।
पूर्व में मिले सकारात्मक आश्वासनों पर अब तक कोई ठोस जमीनी कार्रवाई नहीं हुई है।
नंगे पैर मार्च: पीड़ा और संघर्ष का प्रतीक
कड़कड़ाती धूप और सड़क की तपिश के बीच नंगे पैर मार्च निकाल रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि यह उनकी बेबसी और संघर्ष को दर्शाता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले इन युवाओं ने कहा कि रोजगार के अभाव में उनके सामने परिवार के भरण-पोषण की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
प्रशासन से पारदर्शी बहाली की मांग
DC कार्यालय पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि बहाली प्रक्रिया की तिथि जल्द घोषित की जाए और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जाए। युवाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन भविष्य में और उग्र रूप धारण करेगा।


