
उदित वाणी, चांडिल: चांडिल-कांड्रा मुख्य सड़क की जर्जर हालत ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। करीब तीन माह पूर्व राइडिंग क्वालिटी सुधार कार्य का शिलान्यास होने के बावजूद अब तक महज 30 फीसदी काम ही पूरा हो पाया है। 6.33 किमी लंबी यह सड़क चांडिल गोलचक्कर से गिद्दीबेड़ा टॉल प्लाजा तक जाती है और ईचागढ़ विधानसभा की जीवन रेखा मानी जाती है। इसके बावजूद निर्माण कार्य की सुस्त रफ्तार ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
सड़क की हालत ऐसी है कि जगह-जगह गड्ढे और उड़ती धूल से राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, वहीं धूल के कारण आसपास के दुकानदार और ग्रामीण श्वसन संबंधी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। क्षेत्र की प्रमुख और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण इस सड़क की बदहाली ने सरकार और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो यह सड़क आम लोगों के लिए और भी खतरनाक साबित हो सकती है।
स्थानीयों में आक्रोश
चैनपुर के मोटरसाइकिल गैरेज संचालक विष्णु महतो ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस सड़क को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि पूरी तरह उदासीन हैं। सड़क मरम्मत शुरू होने पर लोगों को उम्मीद जगी थी, लेकिन अब हालात और खराब हो गए हैं। उन्होंने बताया कि धूल के कारण क्षेत्र में दमा और टीबी जैसे रोग बढ़ रहे हैं।
राहगीरों की परेशानी
वहीं, नीमडीह निवासी सोनू चंद्र महतो ने कहा कि इसी सड़क से होकर लोगों को चांडिल अनुमंडल से सरायकेला सदर अस्पताल जाना पड़ता है। आपात स्थिति में मरीजों को ले जाना बेहद जोखिम भरा हो गया है, जिससे लोगों में आक्रोश है।
विभाग का दावा
पथ निर्माण विभाग सरायकेला – खरसावां के कार्यपालक अभियंता अशोक रजक ने बताया कि निर्माण कार्य में आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर कर लिया गया है और अगले दो दिनों में काम फिर से तेज गति से शुरू किया जाएगा।

