उदित वाणी, रांची : झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी अध्यक्ष श्री छवि रंजन की अध्यक्षता में राज्य सूचीबद्धता समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. यह बैठक कार्यकारी अध्यक्ष के कार्यालय कक्ष में संपन्न हुई, जिसमें समिति के सभी सदस्यों ने भाग लिया.
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. मुख्य रूप से नए अस्पतालों की सूचीबद्धता (Empanelment) तथा पहले से सूचीबद्ध निजी अस्पतालों के HEM 2.0 पोर्टल पर माइग्रेशन से संबंधित विभिन्न मामलों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. बैठक में स्पष्ट किया गया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु निर्धारित मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा.
समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि नए आवेदनों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक दस्तावेजों की कमी है. इनमें नगर निकाय/विकास प्राधिकरण/जिला परिषद/पंचायत द्वारा स्वीकृत भवन योजना एवं ABDM-compatible HMIS की अनुपलब्धता प्रमुख रही.
नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) की गाइडलाइन के अनुसार 1 मार्च 2026 से अस्पतालों की सूचीबद्धता के लिए एबीडीएम-सक्षम एचएमआईएस की उपलब्धता अनिवार्य कर दी गई है. ऐसे में जो अस्पताल इस शर्त को पूरा नहीं करेंगे, उनकी सूचीबद्धता नहीं की जा सकेगी. इस निर्देश के तहत अस्पतालों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के अनुरूप अपनी हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी. इसका उद्देश्य अस्पतालों में डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना और सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है.
इन कमियों को ध्यान में रखते हुए समिति ने Garud Eye Hospital और Medanta Hospital के आवेदन को अस्वीकृत करने का निर्णय लिया तथा संबंधित अस्पतालों को इसकी सूचना देने के निर्देश दिए गए.
वहीं, पहले से सूचीबद्ध निजी अस्पताल Meherbai Tata Hospital के HEM 2.0 पोर्टल पर माइग्रेशन से संबंधित अनुरोध को समिति ने स्वीकृति प्रदान की.
बैठक में निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे.


