
उदित वाणी, जमशेदपुर : जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र स्थित सबीना कॉलोनी से रंगदारी की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों से पुलिस की पूछताछ दूसरे दिन भी जारी रही. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने किसी बाहरी व्यक्ति या बड़े गिरोह की संलिप्तता से इनकार किया है. उनका कहना है कि वे केवल आपस में बैठे थे और किसी संगठित आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा नहीं हैं.
गिरफ्तार आरोपियों—मोहम्मद जीशान, जिशु शेख, हनुमान शेख, फैज मोहम्मद, चांद शेख, शुभम कोहली, मोहम्मद जुनेद और राजा परवेज आलम—के खिलाफ गोलमुरी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने यह भी दावा किया कि बरामद हथियारों और जब्त स्कॉर्पियो वाहन के पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका नहीं है.
हालांकि पुलिस ने आरोपियों के दावों पर पूरी तरह भरोसा नहीं जताया है. जांच अधिकारियों का मानना है कि इतनी संख्या में हथियारों की मौजूदगी और स्कॉर्पियो जैसे वाहन का इस्तेमाल महज संयोग नहीं हो सकता. इस पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच को और विस्तारित कर दिया गया है.
छापेमारी के दौरान जब्त किए गए आठ मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है. कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और चैट हिस्ट्री के विश्लेषण से यह पता लगाया जाएगा कि आरोपियों का संपर्क किन लोगों से था और क्या किसी रंगदारी नेटवर्क के तार जुड़े हैं. पुलिस को उम्मीद है कि डिजिटल साक्ष्य से कई अहम सुराग मिल सकते हैं.
मौके से जब्त स्कॉर्पियो वाहन के मालिक से भी पूछताछ की जा रही है. वाहन किस उद्देश्य से लाया गया था और उसका संभावित उपयोग क्या था, इसकी जांच जारी है. साथ ही आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं.
फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि शहर में रंगदारी और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा.

