
उदित वाणी,झारखंड: IPL सीजन ओपनर के दौरान मोबाइल चोरी के एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा हुआ है. बेंगलुरु कब्बन पार्क पुलिस ने झारखंड से आए एक गैंग का भंडाफोड़ किया है, जिसमें अधिकांश सदस्य नाबालिग बताए जा रहे हैं. गिरफ्तार आरोपियों में केवल एक ही वयस्क है, जिसकी पहचान 26 वर्षीय शुभम कुमार (साहिबगंज, झारखंड) के रूप में हुई है.
मैच के दौरान बनाया निशाना
पुलिस के मुताबिक, करीब 11 नाबालिग लड़के झारखंड से बेंगलुरु पहुंचे थे. उन्होंने शहर में ठहरने की व्यवस्था की और आईपीएल के उद्घाटन मैच के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम दिया. यह मैच आरसीबी और एसआरएच के बीच एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला गया था, जहां भारी संख्या में दर्शक मौजूद थे.
भीड़ में मौका देखकर की वारदात
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने खासतौर पर मैच खत्म होने के बाद स्टेडियम से बाहर निकल रही भीड़ को निशाना बनाया. भीड़-भाड़ और अफरा-तफरी के बीच उन्होंने दर्शकों के मोबाइल फोन चुरा लिए और मौके से निकल गए.
21 मोबाइल फोन बरामद
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को ट्रेस कर पकड़ लिया. उनके पास से करीब ₹18 लाख कीमत के 21 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. अधिकारियों का मानना है कि चोरी किए गए मोबाइल की संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है.
पहले से बनाई गई थी योजना
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि गैंग ने इस पूरी वारदात की पहले से योजना बनाई थी. सभी आरोपी मैच से एक दिन पहले ही बेंगलुरु पहुंच गए थे और किराए के कमरों में ठहरकर मौका मिलते ही चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया.
अन्य शहरों से भी जुड़ सकते हैं तार
पुलिस इस मामले को अंतरराज्यीय गिरोह से जोड़कर भी जांच कर रही है. आशंका जताई जा रही है कि पिछले साल चेन्नई में आईपीएल मैच के दौरान हुई मोबाइल चोरी की घटनाओं में भी यही गैंग शामिल हो सकता है, क्योंकि दोनों मामलों में तरीका एक जैसा पाया गया है.
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, जांच जारी
आईपीएल मैचों में भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने अब स्टेडियम के आसपास सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी है. साथ ही, इस गैंग से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके.
चेन्नई IPL मोबाइल चोरी मामला (अप्रैल 2025)
अप्रैल 2025 में चेन्नई में आईपीएल मैच के दौरान इसी तरह का एक मामला सामने आया था, जहां पुलिस ने झारखंड आधारित एक गिरोह के कई सदस्यों को मोबाइल चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था. जांच में खुलासा हुआ कि युवाओं को प्रतिदिन करीब ₹1,000 देकर स्टेडियम, बाजार और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर चोरी की वारदातों को अंजाम देने के लिए लगाया जाता था. इस कार्रवाई में पुलिस ने दर्जनों चोरी किए गए मोबाइल फोन भी बरामद किए थे.

