उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील ने वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत वित्तीय नतीजे पेश किए हैं. कंपनी का समेकित लाभ बाद कर (प्रोफिट ऑफ्टर टैक्स) 243 प्रतिशत बढ़कर 10,886 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि भारत में पैट करीब 17 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 16,133 करोड़ रुपए रहा. कंपनी ने आज जारी बयान में बताया कि पूरे वित्त वर्ष के दौरान समेकित राजस्व 2,32,140 करोड़ रुपए का रहा. एबिटडा 35 प्रतिशत बढ़कर 34,848 करोड़ रुपये हो गया, जिससे एबिटडा मार्जिन में भी सुधार दर्ज किया गया. प्रति टन एबिटडा 10,900 रुपये (124 डॉलर) रहा.
भारत में रिकॉर्ड प्रदर्शन
टाटा स्टील इंडिया का प्रदर्शन इस साल सबसे उल्लेखनीय रहा.
– भारत राजस्व: 1,40,302 करोड़ रुपये
– भारत एबिटडा: 34,272 करोड़ रुपये (मार्जिन 24 फीसदी)
– एबिटडा में 17 फीसदी की वृद्धि
– क्रूड स्टील उत्पादन: रिकॉर्ड 23.4 मिलियन टन
– डिलीवरी: रिकॉर्ड 22.5 मिलियन टन
चौथी और अंतिम तिमाही का प्रदर्शन भी बेहतर
चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) में भी भारत ने शानदार परिणाम दिए. राजस्व 38,654 करोड़ रुपये और एबिटडा 9,841 करोड़ रुपये (मार्जिन 25 फीसदी) रहा. इस तिमाही में क्रूड स्टील उत्पादन 14 प्रतिशत बढ़कर 6.22 मिलियन टन पहुंचा और डिलीवरी रिकॉर्ड 6.19 मिलियन टन रही.
विदेशी कारोबार
नीदरलैंड्स-एबिडटा लगभग तीन गुना बढ़कर €267 मिलियन पहुंच गया.
यूके: एबिडटा घाटा लगभग आधा घटकर £217 मिलियन रह गया.
अन्य प्रमुख
- पूरे वर्ष कैपिटल एक्सपेंडिचर 14,026 करोड़ रुपये रहा.
2. नेट डेट 2,285 करोड़ रुपये घटकर 80,144 करोड़ रुपये रह गया
3.लुधियाना में सालाना 0.75 मिलियन टन क्षमता का स्क्रैप आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस मार्च 2026 में चालू किया गया. इस पर करीब 3,200 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और यह अत्यंत कम कार्बन उत्सर्जन वाला प्लांट है.
4. टीएम इंटरनेशनल लॉजिस्टिक्स लिमिटेड (टीएमएलएल) में अतिरिक्त 23 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए 335 करोड़ रुपये में समझौता किया गया.
4.टाटा स्टील बोर्ड ने 4 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है.
प्रबंधन की प्रतिक्रिया
टी.वी. नरेंद्रन, सीईओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर ने कहा, “भू-आर्थिक अनिश्चितता और वैश्विक चुनौतियों के बावजूद टाटा स्टील इंडिया ने सर्वश्रेष्ठ डिलीवरी हासिल की. हम हाई वैल्यू उत्पादों, ब्रांडेड बिजनेस और डाउनस्ट्रीम क्षमताओं पर फोकस कर रहे हैं.”
कौशिक चटर्जी, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं सीएफओ ने कहा, “लागत अनुकूलन कार्यक्रम से 10,868 करोड़ रुपये का फायदा मिला. मजबूत कैश फ्लो और बैलेंस शीट प्रबंधन के साथ हम भविष्य की वृद्धि के लिए तैयार हैं.”वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया संकट से आपूर्ति श्रृंखला और इनपुट लागत पर दबाव है, लेकिन कंपनी परिचालन दक्षता और लागत नियंत्रण के जरिए इन चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है.


