
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा पावर ने अपने मुंबई स्थित मुख्यालय में ‘एनर्जी इनसाइट्स एंड इनोवेशन लैब’ का सोमवार को शुभारंभ किया. यह रणनीतिक अनुसंधान पहल अत्याधुनिक रिसर्च, डेटा और प्रयोगों के माध्यम से भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को गति देने के लिए तैयार की गई है. साथ ही इसका लक्ष्य देश भर के उपभोक्ताओं के लिए बिजली सेवाओं की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और अफोर्डबिलिटी में सुधार करना है.
एनर्जी इनसाइट्स एंड इनोवेशन लैब, लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस स्थित एक वैश्विक शोध संस्थान, इंटरनेशनल ग्रोथ सेंटर के सहयोग से की स्थापना की गई है. इस लैब का उद्देश्य भारत के बिजली क्षेत्र की गंभीर चुनौतियों का समाधान करना है. इसमें बिजली की अत्यधिक मांग को मैनेज करने से लेकर नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण को और गहरा बनाना शामिल है, ताकि ऊर्जा सेवाएं भरोसेमंद, सस्ती और भारत के नेट-जीरो लक्ष्यों के अनुरूप हों.
एमडी ने किया लैब का उदघाटन
इस लैब का उद्घाटन टाटा पावर के सीईओ और एमडी डॉ. प्रवीर सिन्हा, एलएसई में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर और आईजीसी एवं ईईई रिसर्च प्रोग्राम के निदेशक प्रोफेसर रॉबिन बर्गेस और आईजीसी के कार्यकारी निदेशक डॉ. जोनाथन लीपे द्वारा किया गया. यह कार्यक्रम दक्षिण एशिया के व्यापार आयुक्त और पश्चिमी भारत के लिए ब्रिटिश उप उच्चायुक्त महामहिम हरजिंदर कांग की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ. इस समारोह में आईएसआई और आईजीसी आईएसजीएच के प्रोफेसर डॉ. चेतन घाटे भी उपस्थित थे.इस उद्घाटन समारोह के दौरान टाटा पावर, एलएसई और आईजीसी के बीच एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए. इसका उद्देश्य सबूतों पर आधारित दृष्टिकोण और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के माध्यम से बिजली क्षेत्र के लिए बड़े पैमाने पर लागू होने वाले समाधान विकसित करना है.

