
उदित वाणी, रांची : कांग्रेस के अंदर एक झगड़ा खत्म हुआ कि नहीं दूसरा शुरू हो गया. अब पार्टी के पांच विधायक एक साथ लामबंद होकर दिल्ली पहुंचे और प्रदेश प्रभारी के राजू से मुलाकात के बाद पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री के सी वेणुगोपाल से उनके आवास पर मुलाकात की. बताया गया कि विधायकों ने वेणुगोपाल से मिलकर अपने पार्टी के कोटे के कई मंत्रियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी और उन्हें मंत्री पद से हटाकर दूसरे विधायकों को मौका देने की मांग की गई है.
इसके अलावा विधायकों ने राज्य में बोर्ड-निगमों के गठन को लेकर भी दबाव बनाया. दिल्ली दरबार एक साथ पहुंचनेवाले विधायकों में राज्य विधानसभा में पार्टी के उपनेता राजेश कच्छप समेत कांके के विधायक सुरेश बैठा, सिमडेगा के भूषण बाड़ा, कोलेबिरा के नमन विक्सल कोन्गाड़ी और जगन्नाथपुर के सोनाराम सिंकू शामिल हैं. बताया गया कि कांग्रेस के भीतर मंत्रियों को बदलने की मांग पिछले कई महीनों से चल रही है. मुख्य सत्ताधारी दल झामुमो ने भी कांग्रेस के कुछ मंत्रियों को बदलने का सुझाव दे चुका है. लेकिन कौन मंत्री बनेगा और कौन हटेगा. झामुमो ने यह तय करने की जिम्मेदारी कांग्रेस पर ही छोड़ दी है.
वहीं कांग्रेस के विधायकों ने खासतौर पर वित्त सह संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर और कृषिमंत्री शिल्पी नेहा तिर्की को लेकर नाराजगी जाहिर की है और कहा है कि ऐन चुनाव के वक्त पार्टी में शामिल होनेवालों को मंत्री बना दिया गया. लेकिन जो बर्षों से पार्टी की सेवा करते रहे हैं. उन्हें कोई महत्व नहीं दिया गया. उन्होंने किशोर को मंत्री पद से हटाने की मांग की. इसी तरह विधायकों ने बंधु तिर्की और शिल्पी नेहा तिर्की पर भी निशाना साधा और कहा कि एक ही परिवार से मंत्री पद भी और संगठन में महत्वपूर्ण पद भी दे दिया गया. ज्ञात हो कि बंधु तिर्की प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हैं और उनकी पुत्री शिल्पी नेहा तिर्की राज्य सरकार में कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री. इसके अलावा विधायकों ने राज्य में जनता का काम नहीं होने का भी आरोप लगाया और वेणु गोपाल से शिकायत की है कि मंत्री उनकी भी नहीं सुनते हैं.

