
उदित वाणी जमशेदपुर : शहर में बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने और रात्रि गश्त की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के लिए शनिवार देर रात जिले के एसएसपी पीयूष पांडेय स्वयं सड़कों पर उतरे. औचक निरीक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों की गंभीर लापरवाही सामने आई, जिस पर एसएसपी ने तत्काल कड़ी कार्रवाई करते हुए सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर लाइन क्लोज कर दिया.
निरीक्षण के दौरान मरीन ड्राइव पर तैनात पीसीआर-11 में पदस्थापित एएसआइ रौशन गुड़िया, हवलदार नंदलाल मुंडा और चालक हरेंद्र कुमार वाहन खड़ा कर गहरी नींद में पाए गए. इसी तरह स्टेशन चौक पर पीसीआर-9 में तैनात एएसआइ संजय इंदुवार भी ड्यूटी के दौरान सोते मिले. इसके अलावा जुगसलाई थाना क्षेत्र के गश्ती वाहन में तैनात दारोगा तिर्की और हवलदार कृष्णा रजक को भी सोते हुए पाया गया.
ड्यूटी में घोर लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी पीयूष पांडेय ने सभी सात पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए लाइन क्लोज करने का आदेश दिया. वहीं होमगार्ड चालक हरेंद्र कुमार को भी विभाग से क्लोज कर दिया गया है. एसएसपी की इस सख्त कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.
उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में शहर में रात्रि अपराधों में लगातार बढ़ोतरी हुई है. टेल्को थाना क्षेत्र में हाल ही में हत्या की दो घटनाएं सामने आई हैं, जबकि विभिन्न इलाकों में चोरी और छिनतई की वारदातों में भी इजाफा हुआ है. ऐसे में पुलिस की रात्रि गश्त शहर की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम मानी जाती है.
एसएसपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ड्यूटी के दौरान लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. रात्रि गश्त का उद्देश्य जनता को सुरक्षा का भरोसा देना है, न कि वाहन में सोना. उन्होंने सभी थाना प्रभारियों और गश्ती दलों को निर्देश दिया है कि नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित करें और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करें.
