
उदित वाणी, गुवा : टाटा डीएवी पब्लिक स्कूल नोवामुंडी में 27 दिसंबर 2025 को चतुर्थ श्रेणी में 29 वर्षों से सेवारत रही उषा करूआ को भावपूर्ण माहौल में विदाई दी गई. लंबे कार्यकाल के बाद सेवानिवृत्त हो रहीं उषा करूआ के सम्मान में विद्यालय परिवार के सभी सदस्य उपस्थित रहे.
समारोह की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य एवं शिक्षकों द्वारा उषा करूआ को गुलदस्ता भेंट कर स्वागत के साथ हुई. मंच पर आते ही पूरे सभागार में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी और वातावरण भावुक हो गया.
विदाई संदेश और संबोधन
विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक सुरेश पंडा ने विदाई भाषण देते हुए उषा करूआ के अनुशासन, समर्पण और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व की सराहना की और उनकी खूबियों को याद कर सभी को भावुक कर दिया. कार्यालय के अधिकारी संतोष कुमार गुप्ता ने कहा कि उषा करूआ हमेशा याद की जाएंगी और किसी भी मुसीबत में पूरा विद्यालय परिवार उनके साथ खड़ा रहेगा.
शिक्षक मानस रंजन मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि उषा करूआ हर कार्य के लिए सदैव तत्पर रहती थीं और आज भी जब पूर्ववर्ती छात्र-छात्राएं विद्यालय आते हैं तो सबसे पहले ‘उषा दीदी’ को ही खोजते हैं. शिक्षक आदित्य देवगन ने भी अपने विचार व्यक्त कर उनके सरल एवं सहयोगी स्वभाव को याद किया.
सहकर्मियों की भावनाएं
विद्यालय के चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों ने बारी-बारी से अपने कार्य अनुभव साझा करते हुए उषा करूआ के साथ बिताए खट्टी-मीठी यादों को ताजा किया. कई कर्मचारियों ने कहा कि वे उनके मार्गदर्शन और स्नेह को हमेशा याद रखेंगे.
मुख्य अतिथि उषा करूआ का वक्तव्य
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उषा करूआ ने भावुक स्वर में कहा कि उन्हें विद्यालय परिवार से बहुत प्यार और आशीर्वाद मिला, जिसके लिए वे सदैव आभारी रहेंगी. उन्होंने कहा कि बच्चे और सहकर्मी सभी उन्हें हमेशा याद आते रहेंगे.
प्राचार्य ने अपने संबोधन में उषा करूआ के स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए उनके लंबे एवं सफल सेवा-काल के लिए आभार व्यक्त किया.
संचालन और समापन
धन्यवाद ज्ञापन देते हुए शिक्षक राजेश राम ने कहा कि यह भावुक क्षण बताता है कि विदाई का समय हमेशा करुणामय होता है और रिश्तों की गहराई को सामने लाता है. कार्यक्रम का मंच संचालन शिक्षिका मिली आचार्या ने किया, जबकि तकनीकी संचालन में शिक्षक पी.के. दास और शिक्षिका कुसुम कुमारी ने सहयोग दिया.
इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद रहे और कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ किया गया.

