
संजय प्रसाद
उदित वाणी, जमशेदपुर : 2025 का साल टाटा स्टील के लिए परिवर्तन और विकास का प्रतीक बन गया. यह वह वर्ष था, जब कंपनी ने न केवल भारत में अपनी जड़ें मजबूत कीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर सस्टेनेबल स्टील उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए. कल्पना कीजिए एक ऐसे शहर की, जहां स्टील की धड़कन कभी नहीं रुकती-जमशेदपुर, टाटा स्टील का दिल. यहां से शुरू हुई कहानी, कालिंगनगर की विस्तार योजनाओं से होती हुई यूके और नीदरलैंड्स तक पहुंची, जहां हर बदलाव ने कंपनी को मजबूत और पर्यावरण-अनुकूल बनाया.
कोक ओवन बैटरी का रिटायरमेंट
साल की शुरुआत में ही जमशेदपुर में बदलाव की लहर दौड़ी. जनवरी 2025 में कोक ओवन बैटरी का रिटायरमेंट हुआ, जो डीकार्बोनाइजेशन की दिशा में एक बड़ा कदम था. फरवरी में एच ब्लास्ट फर्नेस ने नए मानक स्थापित किए और उत्पादन क्षमता को बढ़ाते हुए इतिहास रचा. मार्च में एबीबी की उन्नत ऑटोमेशन तकनीक से नए बार मिल का आधुनिकीकरण हुआ, जिससे उत्पादकता बढ़ी और डाउनटाइम कम हुआ. अप्रैल में ट्यूब्स डिवीजन ने एक मिलियन टन का माइलस्टोन पार किया, जो उत्पादन और बिक्री में रिकॉर्ड वृद्धि दर्शाता है. सितंबर में, जॉन कॉकरिल इंडिया को नई पिक्लिंग लाइन और एसिड रिजनरेशन फैसिलिटी का कॉन्ट्रैक्ट मिला, जो जमशेदपुर में उत्पादन प्रक्रिया को और कुशल बनाएगा. दिसंबर में, कंपनी ने भारत विस्तार योजना का अनावरण किया, जिसमें नई क्षमता, माइनिंग डील्स और ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी शामिल हैं. बोर्ड ने भारत में लॉन्ग-टर्म ग्रोथ स्ट्रैटेजी को मंजूरी दी, जिसमें कई प्रस्तावों पर विचार किया गया. और साल के अंत में, 24 दिसंबर को टाटा मुख्य अस्पताल ने नवीनीकृत नर्सरी, कैफेटेरिया, ऑनलाइन इन-पेशेंट पेमेंट सिस्टम, सिंगल पॉइंट एडमिशन काउंटर और एटीएम का उद्घाटन किया, जो कर्मचारियों और समुदाय की देखभाल में बड़ा बदलाव लाया.
कलिंगानगर में विकास की रफ्तार तेज
जमशेदपुर से आगे बढ़ते हुए कलिंगनगर में विकास की रफ्तार तेज हुई. 5 एमटीपीए ब्लास्ट फर्नेस का रैंप-अप जारी रहा, और 2.2 एमटीपीए सीआरएम कॉम्प्लेक्स की फेज्ड कमीशनिंग प्रगति पर है. यह विस्तार ऑटोमोटिव स्टील जैसे हाई-एंड सेगमेंट्स में ग्रोथ को सपोर्ट कर रहा है. कलिंगनगर और नीलाचल जैसे साइट्स 7.5 एमटी की बड़ी बढ़ोतरी के केंद्र हैं, जो भारतीय स्टील मार्केट को नया आकार देंगे. 2025 में टाटा स्टील कालिंगनगर और जमशेदपुर को मिलाकर सबसे बड़ा प्राइवेट प्लेयर बना रहा.
वैश्विक स्तर पर भी परिवर्तन
वैश्विक स्तर पर यूके में परिवर्तन की कहानी रोमांचक रही. मई में लॉन्ग-टर्म कमिटमेंट के साथ ट्रांजिशन की घोषणा हुई और जुलाई में लो-कार्बन स्टील प्रोजेक्ट की साइट वर्क शुरू हुई, जो 2027 में शुरू होने की उम्मीद है. यूके ऑपरेशंस ट्रांजिशन के दौर से गुजर रहे हैं, जो ग्लोबल रेजिलिएंस दिखाते हैं. नीदरलैंड्स में अप्रैल में प्रमुख ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम लांच हुआ, जो उत्पादन दक्षता बढ़ाने और सस्टेनेबल फ्यूचर के लिए है. डीकार्बोनाइजेशन रोडमैप पर काम जारी है, जिसमें जॉइंट लेटर ऑफ इंटेंट फाइनल हो रहा है. वित्तीय वर्ष 2025 में नीदरलैंड्स में लिक्विड स्टील उत्पादन 6.7 मिलियन टन रहा.
इनोवेशन का साल रहा
कुल मिलाकर 2025 टाटा स्टील के लिए इनोवेशन का साल रहा—सितंबर के इंटीग्रेटेड रिपोर्ट में 170 से अधिक पेटेंट एप्लिकेशंस फाइल किए गए. कंपनी का ग्लोबल स्ट्रैटेजी, भारत की ग्रोथ और यूरोप की ग्रीन शिफ्ट पर आधारित है, जो भविष्य की मजबूत नींव रखता है. यह कहानी न केवल बदलाव की है, बल्कि एक ऐसे विजन की, जो स्टील को सस्टेनेबल बनाकर दुनिया बदल रहा है.

