
उदित वाणी, रांची : भाजपा कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को भगवान श्रीराम से परेशानी है, विकसित भारत के संकल्प से भी परेशानी है. कांग्रेस का चरित्र हमेशा से घुसपैठियों का पक्ष लेने वाला और भारत की जनता की भावनाओं के विपरीत रहा है.
भाजपा प्रदेश कार्यालय में सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता में सांगठनिक बैठक संपन्न हुई. बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग, प्रदेश प्रभारी सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, प्रदेश महामंत्री एवं सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा, मनोज कुमार सिंह समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे.

मीडिया से बातचीत में सांसद आदित्य साहू ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने शासनकाल में सैकड़ों योजनाओं का नाम एक ही परिवार के नाम पर रखा. तुष्टीकरण की राजनीति के चलते कांग्रेस ने झारखंड निर्माता अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से चल रही क्लिनिक का नाम तक बदल दिया.
साहू ने कहा कि मोदी सरकार गरीबों के सम्मान और रोजगार सुनिश्चित करने के लिए “जी राम जी योजना” लेकर आई है, जो महात्मा गांधी की भावनाओं के अनुरूप “राम राज्य” की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नाम बदलने की योजना नहीं, बल्कि 2047 तक विकसित भारत के विज़न पर आधारित ग्रामीण विकास का नया मॉडल है.
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि मनरेगा के तहत अब तक 11.74 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए, लेकिन ज्यादातर धन भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भेंट चढ़ गया. नई योजना में घोटालों से निजात पाने के लिए रियल टाइम डेटा, जीपीएस मॉनिटरिंग और साप्ताहिक भुगतान की व्यवस्था की गई है. रोजगार नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता का भी प्रावधान है.
अटल स्मृति सम्मेलन 25 से 31 दिसंबर तक
बैठक में तय किया गया कि 25 से 31 दिसंबर तक सभी विधानसभा क्षेत्रों में “अटल स्मृति सम्मेलन” आयोजित किए जाएंगे. अटल जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में बूथ स्तर पर विविध कार्यक्रम होंगे. 24 दिसंबर को सभी स्थानों पर अटल जी की प्रतिमा की सफाई और दीपोत्सव का आयोजन होगा.
सात दिनों तक सभी जिलों में अटल जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर चित्र प्रदर्शनी, रंगोली प्रतियोगिता, कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
प्रदेश स्तरीय अटल स्मृति वर्ष समिति में बालमुकुंद सहाय (संयोजक), अनंत ओझा, सरोज सिंह, सुनीता सिंह, शिवपूजन पाठक, योगेंद्र प्रताप सिंह, रमाकांत महतो और अविनेश कुमार को सह संयोजक बनाया गया है.

