
उदित वाणी, जमशेदपुर : दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल में एक बार फिर रेल यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य के चलते 20 दिसंबर 2025 से 21 जनवरी 2026 तक अलग-अलग तिथियों में लाइन ब्लॉक लिया जाएगा. इस दौरान कई ट्रेनें रद्द रहेंगी, कुछ ट्रेनों को शार्ट टर्मिनेट व ओरिजिनेट किया जाएगा, जबकि कुछ ट्रेनें री-शेड्यूल होकर या बदले मार्ग से चलाई जाएंगी. कुल मिलाकर आने वाले एक महीने तक चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेन से यात्रा करना यात्रियों के लिए मुश्किल भरा साबित हो सकता है.
रेल मंडल से मिली जानकारी के अनुसार ट्रेन नंबर 18109/18110 टाटानगर–इतवारी–टाटानगर एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर 18175/18176 हटिया–झारसुगुड़ा–हटिया एक्सप्रेस तथा ट्रेन नंबर 68043/68044 टाटानगर–राउरकेला–टाटानगर मेमू 20, 23, 27, 30 दिसंबर 2025 और 3, 6, 10, 13, 17 व 20 जनवरी 2026 को रद्द रहेंगी. इसके अलावा ट्रेन नंबर 58659 हटिया–राउरकेला पैसेंजर और 58660 राउरकेला–हटिया पैसेंजर 20 दिसंबर से 21 जनवरी तक पूर्णतः रद्द रहेंगी.
एनआई कार्य के कारण इस्पात एक्सप्रेस भी प्रभावित रहेगी. ट्रेन नंबर 22861 हावड़ा–कांटाभांजी/टिटलागढ़ इस्पात एक्सप्रेस 20 दिसंबर से 20 जनवरी तक विभिन्न तिथियों में टाटानगर में शार्ट टर्मिनेट की जाएगी और वहीं से हावड़ा के लिए वापस रवाना होगी. इस दौरान टाटानगर से कांटाभांजी–टिटलागढ़ की सेवा रद्द रहेगी. वहीं ट्रेन नंबर 22862 कांटाभांजी/टिटलागढ़–हावड़ा इस्पात एक्सप्रेस झारसुगुड़ा में शार्ट टर्मिनेट व ओरिजिनेट की जाएगी, जिससे झारसुगुड़ा से हावड़ा की सेवा प्रभावित रहेगी.
री-शेड्यूल ट्रेनों में ट्रेन नंबर 18310 जम्मूतवी–संबलपुर एक्सप्रेस 18 दिसंबर से 18 जनवरी तक विभिन्न तिथियों में जम्मूतवी से साढ़े पांच घंटे विलंब से चलेगी, जबकि ट्रेन नंबर 18106 जयनगर–राउरकेला एक्सप्रेस 19 दिसंबर से 19 जनवरी तक जयनगर से साढ़े तीन घंटे देर से प्रस्थान करेगी.
इसके अलावा ट्रेन नंबर 18477 पुरी–ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस 19 दिसंबर से 19 जनवरी तक अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग कटक–संबलपुर यार्ड–झारसुगुड़ा रोड–ईब होकर चलेगी.
लगातार ट्रेनों के रद्द होने और बदलाव से रेल यात्रियों में भारी नाराजगी है. लोगों का कहना है कि बार-बार पैसेंजर ट्रेनों को रद्द करना आम यात्रियों के साथ अन्याय है. इसको लेकर यात्रियों और स्थानीय संगठनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और एक बड़े, ऐतिहासिक आंदोलन की तैयारी की बात कही जा रही है.

