
उदित वाणी, जमशेदपुर : शहर में कला, संस्कृति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का अनोखा संगम उस समय देखने को मिला, जब टीम डेक्सटर द्वारा “डिवाइन कॉमेडी” शीर्षक से चार दिवसीय इनडोर इंडो–फ्रेंच कला प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया गया. कोलकाता स्थित आईसीसीआर (ICCR) म्यूज़ियम में लगी इस विशेष प्रदर्शनी का मूल प्रेरणा–स्रोत महान इतालवी कवि दांते अलीघियेरी की कालजयी रचना ‘द डिवाइन कॉमेडी’ रही. भारत और फ्रांस के कलाकारों ने शास्त्रीय साहित्यिक विचारों को समकालीन कलात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से नए रूप में उकेरते हुए एक अनूठा सांस्कृतिक व वैचारिक संवाद प्रस्तुत किया.
प्रदर्शनी के दौरान बड़ी संख्या में दर्शकों की उपस्थिति रही और कला–प्रेमियों, विद्यार्थियों तथा विशेषज्ञों ने कृतियों को सराहते हुए कलाकारों का उत्साह बढ़ाया. आयोजन को और अधिक समृद्ध बनाने के लिए विभिन्न प्रायोजित रचनात्मक कार्यशालाओं का भी आयोजन किया गया. फेविक्रिल द्वारा ऐक्रेलिक पेंटिंग वर्कशॉप, निकॉन की वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी वर्कशॉप तथा फैबर–कास्टेल की चारकोल आर्ट वर्कशॉप में युवाओं, विद्यार्थियों और पेशेवरों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर नई तकनीकों और माध्यमों से रूबरू होने का अवसर प्राप्त किया.

कला के साथ–साथ रंगमंचीय आयाम भी इस कार्यक्रम की बड़ी विशेषता रहा. प्रतिष्ठित समूह ‘ब्लैंक वर्स’ द्वारा नाटक “टंडांता” का मंचन किया गया, जिसकी प्रभावशाली कथा–वस्तु, सशक्त अभिनय और परिष्कृत प्रस्तुति को दर्शकों की ज़बरदस्त तालियाँ और समीक्षकों की सराहना मिली.
व्यावसायिक और कलात्मक, दोनों ही दृष्टियों से यह प्रदर्शनी बेहद सफल रही. आयोजन के दौरान कुल 12 कलाकृतियाँ विक्रय के लिए गईं. इनमें कलाकार अभिषेक गुप्ता की विशेष श्रृंखला विशेष रूप से चर्चा में रही, जिसमें उन्होंने भगवान विष्णु के दस अवतारों को शारीरिक संरचना (एनाटॉमिकल) शैली में अभिनव ढंग से चित्रित किया. इस श्रृंखला की बिक्री और उस पर हुई चर्चा प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रही.

एक अन्य प्रमुख आकर्षण रहे कलाकार रानित, जिनकी कृतियाँ बंगाल की लोककथाओं और भारतीय देवी विशालक्षी पर केंद्रित रहीं. देवी विशालक्षी का उनका चित्रण, जिसे आधुनिक दौर में किसी पुरुष कलाकार द्वारा बनाया गया पहला चित्र माना जा रहा है, अपनी मौलिकता, संवेदनात्मक गहराई और सांस्कृतिक परतों के कारण प्रदर्शनी का सबसे चर्चित केंद्र बनकर उभरा.
प्रदर्शनी में कोलकाता व अन्य शहरों के कला–समुदाय के साथ कई प्रतिष्ठित हस्तियों की भी उपस्थिति रही. प्रसिद्ध डिजिटल कलाकार रुद्रनील और अभिनेता संजीब सरकार ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर कलाकारों का हौसला बढ़ाया. जमशेदपुर से आए कलाकार अमृता, सुशील, सागरिका और राजकुमार ने भी अपनी विशिष्ट शैली और विषय–वस्तु से अलग पहचान बनाई. उनकी कृतियों ने कला–संग्रहकर्ताओं और कला–संरक्षकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया और जमशेदपुर की उभरती कलात्मक ऊर्जा को राष्ट्रीय स्तर पर मंच मिला.

इस इंडो–फ्रेंच प्रदर्शनी की गूंज राष्ट्रीय सीमाओं से परे भी सुनाई दी. संयुक्त राज्य अमेरिका से आए दर्शकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ दीं, वहीं अमेरिकी दूतावास से जुड़े सदस्यों ने इसकी क्यूरेशन, थीमैटिक प्रस्तुति और सुव्यवस्थित आयोजन की सराहना की. कई अतिथियों ने विशेष तौर पर ज़ुल्फ़िकार, रानित, अभिषेक और सुशील की कृतियों को अत्यंत प्रभावशाली व संग्रहणीय बताया.
मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहभागिता, समीक्षात्मक प्रशंसा और व्यावसायिक सफलता के साथ “डिवाइन कॉमेडी” प्रदर्शनी टीम डेक्सटर के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि सिद्ध हुई. इस आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि कला वास्तव में एक सार्वभौमिक भाषा है, जो भौगोलिक सीमाओं, सांस्कृतिक परंपराओं और समय की दूरी को पार कर संवाद, सह–अनुभूति और सहयोग की नई संभावनाएँ रचती है.

