उदित वाणी, नई दिल्ली: टाटा स्टील के मैंगनीज ग्रुप ऑफ माइन्स (MGM) ने फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) द्वारा आयोजित 11वें एक्सीलेंस इन सेफ्टी सिस्टम्स अवॉर्ड्स में गोल्ड अवॉर्ड हासिल किया है. ओडिशा के क्योंझर जिले के जोडा क्षेत्र में स्थित कंपनी के फेरो अलॉयज़ एंड मिनरल्स डिवीजन (FAMD) की इन खदानों को खनन क्षेत्र में सतत, सुरक्षित और उत्कृष्ट संचालन के लिए इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया.
कंपनी की ओर से यह पुरस्कार FAMD के चीफ़ माइन्स शंभू नाथ झा और सीनियर एरिया मैनेजर (सेफ्टी) संतोष कुमार राउत ने प्राप्त किया. यह अवॉर्ड भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के DPIIT के सेंट्रल बॉयलर्स बोर्ड के तकनीकी सलाहकार एवं सचिव संदीप सदानंद कुम्भार ने प्रदान किया. कार्यक्रम में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के संयुक्त सचिव आलोक मिश्रा और फ़ैक्टरी एडवाइस सर्विस एंड लेबर इंस्टीट्यूट्स के महानिदेशक भी उपस्थित रहे.
लंबे समय से टाटा स्टील की MGM माइंस सुरक्षित और सतत खनन की दिशा में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रही हैं. सुरक्षा को कार्य-संस्कृति का मूल तत्व बनाते हुए यह समूह देश की औद्योगिक प्रगति और रॉ मटेरियल में आत्मनिर्भरता को मजबूत आधार प्रदान कर रहा है. MGM के अंतर्गत जोडा वेस्ट, खोंदबोंद, बामेबाड़ी और तिरिंगपहाड़ मैंगनीज माइंस शामिल हैं, जो पूरी तरह से यांत्रिकीकृत ओपनकास्ट खदानें हैं और टाटा स्टील के फेरो-अलॉय प्लांट सहित अन्य ग्राहकों को मैंगनीज अयस्क की आपूर्ति करती हैं.
टाटा स्टील की सुरक्षा प्रणाली एक तकनीक-सक्षम, संरचित और समग्र मॉडल पर आधारित है, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है. नेतृत्व की सक्रिय भूमिका, डिजिटल परिवर्तन और प्रशिक्षित कार्यबल की भागीदारी के साथ कंपनी “शून्य हानि” के लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ रही है.


