
उदित वाणी, जमशेदपुर : धुर्वा डैम में 14 नवंबर की रात हुए भीषण हादसे में लापता चौथे पुलिसकर्मी सत्येंद्र भारद्वाज का शव सोमवार सुबह बरामद कर लिया गया. हटिया डीएसपी पी. के. मिश्रा ने इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि रविवार को भी व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान चलाया गया था, पर शव नहीं मिल सका था. सोमवार तड़के गोताखोरों की टीम ने डैम के एक हिस्से में शव को देखा और बाहर निकाला.
यह दिल दहला देने वाली दुर्घटना शुक्रवार की रात तब घटी जब जमशेदपुर के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की टीम रांची से अपने ड्यूटी वाहन से लौट रही थी. हादसे के दौरान वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और तेज रफ्तार में सीधे धुर्वा डैम में जा गिरा. रात में अंधेरा होने के कारण खोज अभियान तुरंत प्रभावी ढंग से शुरू नहीं हो सका था.
अगली सुबह स्थानीय ग्रामीणों ने डैम में गाड़ी होने की सूचना पुलिस को दी. इसके बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान शुरू किया. पहले दिन गोताखोरों ने कार को पानी से बाहर निकालने में सफलता पाई. गाड़ी के अंदर से तीन पुलिसकर्मियों—उपेंद्र कुमार सिंह, रोबिन कुजूर और अनिल सिंह—के शव मिले. सभी अंदर ही फंस गए थे और डूबने के कारण उन लोगों की मौत हो गई थी.
कार में मौजूद चौथे पुलिसकर्मी सत्येंद्र भारद्वाज उस समय कार के भीतर नहीं मिले थे. अनुमान लगाया गया कि वे दुर्घटना के वक्त बाहर निकलने की कोशिश में बह गए होंगे. इस संभावना को ध्यान में रखते हुए रविवार और सोमवार सुबह तक तलाशी अभियान जारी रखा गया, जिसके बाद उनका शव भी कुछ दूरी पर बरामद कर लिया गया.
घटना से पूरे पुलिस महकमे में गहरा शोक व्याप्त है. वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह पूरे विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने चारों मृतक जवानों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना और समर्थन व्यक्त किया है.

