
उदित वाणी, गुवा : अपने विभिन्न मांगों को लेकर संयुक्त यूनियन, जनप्रतिनिधि, विभिन्न गांव के मुंडा, ग्रामीण और मजदूरों ने बुधवार देर शाम गुवा रामनगर स्थित एसबीआई बैंक के पीछे वर्कर्स क्लब में एकजुट होकर गुवा सेल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इस अवसर पर संयुक्त यूनियनों और जनप्रतिनिधियों ने मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि अब गुवा सेल प्रबंधन को मजदूरों की ताकत दिखाने का समय आ गया है. सभी एकजुट होकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है. आंदोलन को व्यापक रूप देने के लिए गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा.

संयुक्त यूनियनों की मांगों में प्रमुख हैं:
– गुवा सेल में 19 बाहरी व्यक्तियों की प्रस्तावित बहाली को रद्द किया जाए और स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान किया जाए.
– सफाई कर्मियों का रविवारीकरण किया जाए तथा जिन विभागों में रविवारी कार्य बंद है, उन्हें पुनः शुरू किया जाए.
– ठेका मजदूरों की वार्षिक छुट्टी 5 दिन से बढ़ाकर 10 दिन की जाए.
– रात्रि भत्ता 45 रुपए से बढ़ाकर 90 रुपए किया जाए.
– फाइन्स डिस्पैच माह में मिलने वाली राशि 1000 रुपए से बढ़ाकर 1500 रुपए की जाए.
– जिन ठेका कर्मियों ने अपने आश्रितों को काम सौंपा है, उनके आवास उनके आश्रितों के नाम आवंटित किए जाएं.
– कुशलता आधारित अपग्रेडेशन शीघ्र किया जाए.
– जिन ठेका कर्मियों को रिट्रेंचमेंट बेनिफिट, ए डबल्यू ए राशि और मेडिकल बुक नहीं मिली है, उन्हें तुरंत उपलब्ध कराया जाए.
– लंबित मेडिकल बिलों का शीघ्र भुगतान किया जाए.
– पेंशन भुगतान 58 वर्ष की आयु से लागू किया जाए तथा सेवानिवृत्त कर्मियों का लंबित PF और ग्रेचुएटी भुगतान किया जाए.
– रेफरल चिकित्सा के यात्रा भत्ता का भुगतान किया जाए.
विरोध प्रदर्शन में झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन, बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन (इंटक), झारखंड मजदूर मोर्चा यूनियन सहित कई जनप्रतिनिधि, पांच गांवों के मुंडा-मानकी, ग्रामीण एवं बड़ी संख्या में मजदूर शामिल हुए.
इस संघर्ष ने मजदूरों के अधिकारों की आवाज़ को बुलंद करते हुए प्रबंधन के खिलाफ एक सशक्त मोर्चा तैयार किया है, जो भविष्य में और भी सशक्त होकर आगे बढ़ने का संकल्प ले चुका है.

