
उदित वाणी, रांची : वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अनुपूरक बजट के कटौती प्रस्ताव पर चर्चा के बाद अपने उत्तर में कहा कि हेमंत सोरेन सरकार का वित्तीय प्रबंधन बहुत मजबूत है. मईंयां सम्मान योजना हो या कोई भी योजना हो सरकार बंद होने नहीं देगी. उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्तीय बर्ष के साढ़े चार महीने में हमने पिछले बर्ष की तुलना में लगभग तीन फीसदी अधिक राशि खर्च की है और राजस्व संग्रहण को भी बढ़ाया है. उन्होंने बताया कि 2010-11 से पीएल खाते में लगभग 22 हजार करोड़ की राशि जमा थी. उसमें से सरकार ने लगभग चार हजार करोड़ राजकोष में जमा कराया. किशोर ने कहा कि मंईयां सम्मान योजना फ्री बी नहीं है. यह महिलाओं का सम्मान है.
इस राशि से महिलाएं सुखी-संपन्न और मजबूत हो रही है. उन्होंने बार-बार दुहराया कि मंईयां सम्मान योजना या राज्य संपोषित योजनाओं के लिए राशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी. वित्त मंत्री ने कहा कि आरबीआई व योजना आयोग के निर्देशों व अन्य शर्तों के अनुसार झारखंड सरकार 18000 करोड़ तक बाजार से उधार ले सकती है. लेकिन हमारी वित्तीय स्थिति इतनी मजबूत है कि हमने न उधार लिया और न ही ऋण. उन्होंने केंद्र सरकार पर पैसे देने में भेदभाव का भी आरोप लगाया और कहा कि अब तक अनुदान की 70 फीसदी राशि ही मिली है. केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी समय पर नहीं मिल रही है. अगर केंद्र सरकार का सहयोग मिले, तो हेमंत सरकार झारखंड को विकास के उच्च पायदान पर लाने में सक्षम है.
अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए सरकार कर सकती है बिशेष घोषणा
राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि मानसून सत्र किसानों को समर्पित होगा. अतिवृष्टि से भदई और तेलहन फसलों को भारी नुकसान हुआ है. राज्य में अब तक जहां औसतन 700 मिलीमीटर बारिश होती थी. अब तक 950 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है. मंगलवार को सदन में अतिवृष्टि पर दो घंटे की चर्चा होगी. वहीं जानकारी के मुताबिक चर्चा के बाद राज्य सरकार अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए बिशेष सहायता की घोषणा कर सकती है.
