
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटानगर रेल सिविल डिफेंस की अगुवाई में भारत सरकार की राष्ट्रीय सर्पदंश रोकथाम और नियंत्रण योजना के तहत सोमवार को मानगो स्थित शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. शिविर का उद्देश्य सर्पदंश से होने वाली मौतों की संख्या में कमी लाना और लोगों को प्राथमिक उपचार व जागरूकता से लैस करना रहा.
सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि भारत में हर वर्ष लगभग 50,000 लोगों की मौत सर्पदंश से होती है, और यह आंकड़ा हर साल 10,000 की दर से बढ़ रहा है. इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सर्पदंश रोकथाम और नियंत्रण योजना योजना की शुरुआत की है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक सर्पदंश से होने वाली मौतों की संख्या को आधा करना है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को निगरानी तंत्र को सशक्त बनाने और प्राथमिक स्तर पर बेहतर उपचार व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया गया है.

प्रशिक्षण शिविर में एएनएम, जेएनएम, कोल्ड चेन हैंडलर, लैब टेक्नीशियन, सहिया बहनें एवं सहिया साथी जैसे फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों को विषैले एवं विषहीन सर्पों के बीच पहचान, दंश के लक्षण और प्राथमिक उपचार की जानकारी प्रोजेक्टर के माध्यम से दी गई. साथ ही, कुत्ते के काटने से होने वाली रेबीज बीमारी पर आधारित टेलीफिल्म दिखाकर रोकथाम की विस्तृत जानकारी साझा की गई.

शिविर के द्वितीय सत्र में अग्निकांड की स्थिति से निपटने हेतु फायर फाइटिंग यंत्रों के उपयोग, सावधानियों और एलपीजी गैस लीक से लगी आग को बुझाने की विधि का मॉक ड्रिल कराया गया. सर्पदंश विषय पर प्रशिक्षण सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने दिया जबकि फायर सेफ्टी और एलपीजी संबंधी प्रशिक्षण डेमोंस्ट्रेटर शंकर प्रसाद द्वारा प्रदान किया गया.
प्रशिक्षण में लोक स्वास्थ्य प्रबंधक सुमन कुमार मंडल, एएनएम पिलानी महतो, आशा टेटे, रेणुका मिंस, लैब टेक्नीशियन शिवनाथ गोराई, नागेश्वर मुर्मू, उज्जवल बनर्जी, सहिया साथी अफसाना बेबी, आसिफा परवीन, शबनम परवीन, शांति महतो, रूबीना परवीन, मीरा कालिंदी, गीता सवैया, पदमा देवी, जमुना कालिंदी, रिंकी देवी समेत बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहीं. कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ जिसे सुमन कुमार मंडल ने व्यक्त किया.

