
* अब प्रबंधन ने 2028 तक कुल वर्कफोर्स के 20 फीसदी महिला कार्यबल करने का नया लक्ष्य बनाया
उदित वाणी, जमशेदपुर : तमाम कोशिशों के बावजूद टाटा स्टील ने अपने वर्कफोर्स में महिलाओं, दिव्यांग और एलजीबीटी की संख्या को एक चौथाई नहीं कर पाया है, जबकि 2025 तक टोटल वर्कफोर्स का 25 फीसदी महिला वर्कफोर्स करने का लक्ष्य निर्धारित था. अब प्रबंधन ने इस लक्ष्य को तीन साल आगे बढ़ाते हुए 2028 कर दिया है. यही नहीं महिलाओं के अनुपात को भी एक चौथाई से घटाकर 20 फीसदी कर दिया गया है. उल्लेखनीय है कि कंपनी ने अपनी विविधता और समावेशन पहल के तहत अपने कार्यबल में महिलाओं की 25 फीसदी संख्या को करने की जर्नी का शुभारंभ 2015 में किया था. मोजेक नाम की इस जर्नी के एक दशक पूरा होने पर पिछले दिनों मुंबई में एक समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें टाटा स्टील में महिलाओं को शामिल करने पर बल दिया गया. इस पहल में महिलाओं के साथ ही दिव्यांगों और एलजीबीटी समुदाय के लोगों को शामिल किया जा रहा है. एक सम्मानजनक वर्कप्लेस बनाने की कंपनी की इस पहल को दुनिया भर में सराहा भी गया है.
2028 तक कार्यबल में 20 फीसदी महिलाएं होंगी
टाटा स्टील का लक्ष्य है कि वर्ष 2028 तक अपने समूह स्तर के कार्यबल में 20 फीसदी विविधता सुनिश्चित की जाए. कंपनी की विविधता को लेकर प्रतिबद्धता सिर्फ नीतियों तक सीमित नहीं है. यह पारंपरिक सोच को चुनौती देने और खासकर पुरुष-प्रधान क्षेत्रों में सामाजिक मानदंडों को पुनर्परिभाषित करने का एक सशक्त प्रयास है. टाटा स्टील की प्रगतिशील एचआर नीतियां इस सोच को ज़मीन पर उतारती हैं, जहां एलजीबीटी पार्टनर्स को समान लाभ, जेंडर न्यूट्रल पेरेंटल लीव, जेंडर ट्रांजिशन में सहयोग और सभी के लिए समावेशी रिलोकेशन व ट्रैवल सुविधाएं सुनिश्चित की जाती हैं. इन पहलों के माध्यम से टाटा स्टील न केवल एक अधिक समान और समावेशी कार्यस्थल का निर्माण कर रही है, बल्कि पूरे उद्योग जगत के लिए एक नई दिशा भी तय कर रही है. टाटा स्टील की चीफ पीपल ऑफिसर, अत्रयी सान्याल ने कहा कि टाटा स्टील ने सदैव लोगों को केंद्र में रखकर नीतियों और संस्कृति का निर्माण किया है. बीते सौ वर्षों से भी अधिक समय में हमने न केवल समय के साथ कदम मिलाया है, बल्कि उद्देश्यपूर्ण बदलावों की दिशा में अग्रणी भूमिका निभाई है. हमारा लक्ष्य हमेशा एक ऐसा कार्यस्थल बनाना रहा है जो समानता, सम्मान और समावेशन पर आधारित हो, जहां हर व्यक्ति को उसकी पहचान के साथ स्वीकारा जाए और उसे अपने पूर्ण सामर्थ्य के साथ योगदान देने के लिए सशक्त किया जाए. हमारी सोच की जड़ें विविधता में गहरे विश्वास में हैं. ऐसा माहौल तैयार करना, जहां हर व्यक्ति न केवल शामिल हो, बल्कि फलें-फूलें और अपने सबसे रचनात्मक रूप में कार्यस्थल का हिस्सा बनें.
इंजीनियरिंग छात्राओं को नौकरी के अवसर
कंपनी ने अपने प्रबंधन प्रशिक्षु और ट्रेड अप्रेंटिस बैचों में महिलाओं की संख्या बढ़ा दी है. ‘वुमन ऑफ मेटल’ जैसी पहल, एक अनूठा छात्रवृत्ति कार्यक्रम है, जिसमें महिला इंजीनियरिंग छात्रों को कंपनी के साथ छात्रवृत्ति, इंटर्नशिप और नौकरी के अवसर प्रदान किए जाते हैं. संगठन के लिए युवा महिला अधिकारियों की प्रतिभा पाइपलाइन बनाने के लिए विकसित किए गए हैं. कंपनी ‘एंगेज’ और ‘इग्नाइट’ नामक मेंटरिंग प्रोग्राम और लीडरशिप डेवलपमेंट वर्कशॉप के माध्यम से नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए उच्च क्षमता वाली महिला अधिकारियों की पहचान करती है और उन्हें तैयार करती है.
‘फ्लेम्स ऑफ फायर’ पहल
‘फ्लेम्स ऑफ फायर’ पहल के तहत टाटा स्टील ने भारत में स्टील उद्योग में महिला अग्निशामकों का पहला दल बनाने के लिए 23 महिलाओं की भर्ती की. अपनी ‘वुमेन@माइनिंग’ पहल के माध्यम से टाटा स्टील भारत की पहली कंपनी बन गई जिसने सभी खदान शिफ्टों में महिलाओं को तैनात किया. 1 सितंबर, 2019 से ओएमक्यू डिवीजन में सभी तीन शिफ्टों में महिलाओं को तैनात किया गया है. इस पहल का समर्थन करने के लिए रखरखाव और खनिज प्रसंस्करण अनुभागों में महिला अधिकारियों की भर्ती भी की गई. अब तक टाटा स्टील ने 73 महिलाओं को हेवी अर्थ मूविंग मशीनरी ऑपरेटर के रूप में नियुक्त किया है. यह मानसिक बाधाओं को तोड़ने और कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. ऐसी भूमिकाओं के लिए महिलाओं को कुशल बनाने के लिए तेजस्विनी 2.0 कार्यक्रम की स्थापना की गई है.
एजाइल वर्किंग मॉडल
टाटा स्टील के भीतर समावेश की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियां बनाई गई हैं जैसे कि एजाइल वर्किंग मॉडल, जिसमें ‘घर से काम करने’ के अवसर और अन्य लचीले कार्य मॉडल शामिल हैं. ‘ राहत’ (महिला कर्मचारियों के लिए मासिक धर्म अवकाश) की शुरुआत, टेक टू पॉलिसी (एक भर्ती कार्यक्रम, जो करियर ब्रेक या महिला पेशेवरों को टाटा स्टील के साथ अपने करियर को फिर से शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करता है), लिंग-तटस्थ (जेंडर न्यूट्रल) गोद लेने की सहायता नीति और महिलाओं को किसी भी अवधि के अवकाश के बाद कार्यबल में वापस आने में सक्षम बनाने वाली नीति. कंपनी ने SWATI (स्टील महिला आकांक्षात्मक टीम पहल) जैसे मंचों के माध्यम से सुरक्षा और सुरक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता आदि पर महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम शुरू किए हैं.

