
उदित वाणी, जमशेदपुर : शहर के आपराधिक जगत में वर्षों से दहशत का दूसरा नाम बन चुका बिष्टुपुर साउथ पार्क का निवासी निशार हसन उर्फ निशु आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है. मानगो के बहुचर्चित पवन यादव हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता और वांछित आरोपी निशार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, दिल्ली पर इमिग्रेशन जांच के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया. वह बहरीन से भारत लौट रहा था. गिरफ्तारी के पीछे लुकआउट सर्कुलर की बड़ी भूमिका रही, जिसे केंद्रीय गृह मंत्रालय के सहयोग से लागू किया गया था.
बहरीन से लौटते ही पुलिस ने किया धरदबोच
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पीयूष पांडे ने सोमवार को आयोजित विशेष प्रेस वार्ता में इस अहम गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि निशार हसन लंबे समय से फरार था और वह देश छोड़कर बहरीन चला गया था. एसएसपी ने कहा,
“पुलिस की लगातार निगरानी और तकनीकी ट्रैकिंग के आधार पर हमें सूचना मिली थी कि निशार भारत लौट रहा है. इमिग्रेशन विभाग को पहले से सतर्क कर दिया गया था और जैसे ही वह दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा, उसे वहीं दबोच लिया गया.
कोर्ट ले जाते समय बीच सड़क पर खड़ी हो गई पुलिस की गाड़ी
दिल्ली से लाए गए आरोपी निशार हसन को मानगो थाना में रखने के बाद सोमवार को कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया शुरू की गई. लेकिन इस दौरान मानगो चौक के पास उस वाहन में तकनीकी खराबी आ गई, जिसमें आरोपी को कोर्ट ले जाया जा रहा था.
मानगो थाना प्रभारी निरंजन कुमार ने बताया,
“पुलिस वाहन अचानक मानगो चौक के पास खराब हो गया. समय की नजाकत को देखते हुए आरोपी को एमजीएम अस्पताल तक पैदल ले जाना पड़ा. वहीं, अस्पताल के सामने गाड़ी ठीक करने के बाद आरोपी को फिर से वाहन में बैठाया गया और न्यायालय परिसर ले जाकर पेश किया गया.”
सुरक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़?
इस घटनाक्रम ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं, खासकर जब आरोपी इतना हाई-प्रोफाइल और खतरनाक हो. बीच शहर में एक वांछित अपराधी को पैदल ले जाना किसी भी अप्रिय घटना को न्योता देने जैसा हो सकता था. हालांकि पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए सुरक्षित तरीके से आरोपी को कोर्ट में पेश कर दिया.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वाहन की खराबी अचानक हुई घटना थी, जिसका कोई पूर्व संकेत नहीं था. सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए आस-पास तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई थी.

