
उदित वाणी,जमशेदपुर: ‘सृजन संवाद’ जमशेदपुर की 130 वीं संगोष्ठी का ऑनलाइन आयोजन शुक्रवार को हुआ. संगोष्ठी में प्रसिद्ध चित्रकार, कला समीक्षक, कवि, कहानीकार और फ़िल्म विशेषज्ञ प्रयाग शुक्ल ने कला की दुनिया पर अपनी बात रखी.
उन्होंने कहा कि वे जीवन मे इतना कुछ कर लेते हैं, इससे उन्हें स्वयं भी आश्चर्य होता है. उन्हें अपने पिता के अलावा हुसैन, बद्री विशाल पित्ती, अज्ञेय, अशोक सेक्सरिया, सत्यजीत रे जैसे लोगों से जीवन दृष्टि, कला दृष्टि और साहित्य दृष्टि प्राप्त हुई. वे खूब यात्राएं करते हैं, कई बार लोगों-संस्थाओं के बुलावे पर और कई बार अपनी इच्छा से कई स्थानों पर जाते हैं.
वे आज के युवा कलाकारों के काम को देख कर काफ़ी प्रसन्न हैं. आज कलाकार विभिन्न माध्यमों का प्रयोग कर रहे हैं. कार्यक्रम का संचालन वैभव मणि त्रिपाठी और स्वागत ‘सृजन संवाद’ की संयोजिका डॉ. विजय शर्मा ने किया.

