
उदित वाणी, जमशेदपुर: राज्य में संचालित 108 डायल ‘इमरजेंसी मेडिकल एंबुलेंस सर्विस’ की निविदा प्रक्रिया पर स्वास्थ्य मंत्री ने रोक लगा दी है. स्वास्थ्य मंत्री के आप्त सचिव ओमप्रकाश सिंह ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक को पत्र लिखकर निविदा पर अगले आदेश तक रोक लगाने को कहा है.
एनएचएम, एमडी को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि मेसर्स जिकित्जा हेल्थ केयर लिमिटेड ने एक आवेदन दिया है. जिसमें आरोप लगाया गया है कि एनएचएम द्वारा 03 मई 2023 को प्रकाशित निविदा की शर्तों के निर्धारण में पारदर्शिता नहीं बरती गई है.
इन आरोपों के आधार पर जिकित्सा हेल्थ केयर द्वारा झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है. कंपनी ने आवेदन में अनुरोध किया है कि जब तक उच्च न्यायालय से किसी प्रकार का आदेश नहीं आ जाता है, तब तक निविदा को निरस्त किया जाए. आप्त सचिव ने कहा है कि उक्त आलोक में मामला न्यायालय में लंबित रहने के कारण तत्काल संबंधित निविदा पर अगले आदेश तक रोक लगायी जाए.
बताते चलें कि राज्य में 108 डायल ‘इमरजेंसी मेडिकल एंबुलेंस सर्विस’ के तहत एडवांस लाइफ सपोर्ट और बेसिक लाइफ सपोर्ट की सुविधाओं से लैस 337 एंबुलेंस संचालित हैं.
एंबुलेंस के ड्राइवरों का कांट्रैक्ट 15 नवंबर 2022 को ही समाप्त हो चुका है. इन्हें सेवा विस्तार नहीं दिया गया है. इस सेवा की शुरुआत 15 नवंबर 2017 को की गई थी. सेवा संचालन को लेकर किए गए एमओयू में सरकार ने कहा था कि सरकार और कंपनी के बीच परस्पर समन्वय स्थापित होने के साथ यदि कंपनी का काम बेहतर होता है तो सेवा का विस्तार किया जाएगा.
सेवा के संचालन को लेकर सरकार जिकित्सा हेल्थ केयर को प्रति एंबुलेंस प्रति माह 1.15 लाख का भुगतान करती है.

