
उदित वाणी, जमशेदपुर: लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल महाविद्यालय के वर्चुअल रूम में बुधवार को एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका विषय: रेगुलेशन एंड इंप्लीमेंटेशन ऑफ एनईपी0 2020 करिकुलम एंड क्रेडिट फ्रेमवर्क था.
इस कार्यशाला के मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता कोल्हान विश्वविद्यालय के वित्त पदाधिकारी सह समन्वयक डॉ. पीके पाणि थे. कार्यशाला की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ एके झा ने की. एनईपी करिकुलम एंड क्रेडिट फ्रेमवर्क के संदर्भ में डॉ. पाणि ने विस्तारपूर्वक जानकारी दी.
डॉ. पाणि ने बताया कि कोल्हान विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति के तहत लागू करिकुलम एंड क्रेडिट फ्रेमवर्क के मुताबिक चार वर्षीय रिसर्च बेस्ड ग्रेजुएशन के लिए वही विद्यार्थी योग्य होंगे जो छठे सेमेस्टर यानी तीसरे साल की परीक्षा में 7.5 सीजीपीए अंक के साथ उतीतर्ण होंगे. साथ ही वैसे विद्यार्थी ही इसके लिए योग्य होंगे जो 34 में से 26 विषयों में उत्तीर्ण होंगे.
डॉ. पीके पाणि ने बताया कि झारखंड स्टेट यूनिवर्सिटी में एनईपी को लागू किया गया है, जिसमें यूजी चार साल का कोर्स होगा. उन्होंने कहा कि एक एकेडमिक ईयर में दो सेमेस्टर होंगे अर्थात चार साल के कार्यक्रम में कुल आठ सेमेस्टर होंगे. उन्होंने कहा कि नन प्रैक्टिकल सब्जेक्ट में एक क्रेडिट का तात्पर्य 15 घंटे से जबकि प्रैक्टिकल सब्जेक्ट में एक क्रेडिट का तात्पर्य 30 घंटे की पढ़ाई से है.
उन्होंने एबीसी आईडी (एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट) के सन्दर्भ में भी जानकारी दी. कहा कि अब विद्यार्थी तीसरे वर्ष की परीक्षा में 7.5 सीजीपीए लाने के बाद हि रिसर्च बेस्ड ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त कर सकते हैं.
डॉ. पाणि ने बताया कि यूजी के विद्यार्थियों को प्रथम वर्ष के दूसरे सेमेस्टर के 12 पेपर में से 9 पेपर में पास होना आवश्यक होगा. उसी तरह द्वितीय वर्ष के चौथे सेमेस्टर में 24 पेपर में से 18 पेपर में पास होना आवश्यक होगा, जबकि तीसरे वर्ष के छठे सेमेस्टर में 34 पेपर में से 26 पेपर में पास होना आवश्यक होगा, तभी विद्यार्थी यूजी अन्तिम वर्ष (चौथे वर्ष) के लिए योग्य होंगे.
साथ ही रजिस्ट्रेशन 7 वर्ष के लिए ही मान्य होगा. छात्रों को पूरे शैक्षणिक सत्र में एक बार 5 ग्रेस मार्क्स देकर उत्तीर्ण होने का मौका दिया जायेगा। एक क्रेडिट 25 अंक के बराबर होगा.
मेजर और माइनर सब्जेक्ट हेतु 60 – 60 क्लास की जरूरत होगी. 2 क्रेडिट वाले विषय हेतु 30 क्लास की जरूरत होगी. एक क्लास एक घंटे का होगा. प्रैक्टिकल क्लास 2 घंटे का होगा. इंटरनल एग्जाम सिर्फ मेजर एवं माइनर सब्जेक्ट का होगा तथा अन्य 4 से कम क्रेडिट वाले विषय का इंटरनल नहीं होगा.
कार्यशाला में ये लोग थे उपस्थित
कार्यशाला का संचालन डॉ विनय कुमार गुप्ता ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संचिता भुई सेन द्वारा किया गया. इस कार्यशाला में डॉ. डीके मित्रा, पुरुषोत्तम प्रसाद, संतोष राम, डॉ. मौसमी पाल, डॉ.अजेय वर्मा, डॉ. विजय प्रकाश, अरविंद पंडित, विनोद कुमार, डॉ. जया कक्षप, ऋतु, डॉ. सुधीर सुमन, डॉ. प्रशांत, मोहन साहू, प्रमिला किस्कू, डॉ. संतोष कुमार, सलोनी रंजन, डॉ. नुपुर रॉय, बाबू राम सोरेन, शिप्रा बॉयपाई, सीता मुर्मू, सुमित्रा सिंकु, सौरभ वर्मा, मिहिर कुमार डे,वीरेश चंद्र सरदार, पुनीता मिश्रा, ममता मिश्रा, अजीत सिंह, राजेश कुमार, विनय कुमार सहित सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे.

