
उदित वाणी, जमशेदपुर: जमशेदपुर के निजी स्कूलों में अब बीपीएल कोटे के तहत दाखिला लेने वैस बच्चों से फीस मांगी जा रही है, जो आठवीं की परीक्षा पास कर नौवीं में पहुंच गए हैं.
इससे विद्यार्थी परेशान हैं. चूंकि शिक्षा के अधिकार अधिनियम में पहले आठवीं तक ही नि:शुल्क शिक्षा का प्रावधान था, इसलिए तकनीकी पेच फंस रहा है, लेकिन जमशेदपुर अभिभावक संघ का दावा है कि ऐसा नए नियमों को लागू नहीं किए जाने के कारण हो रहा है.
सो, अब जमशेदपुर अभिभावक संघ ने नई शिक्षा नीति-2020 के तहत स्कूलों में 12वी तक अभिवंचित वर्ग के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने की मांग की है. शनिवार को संघ की ओर से उपायुक्त कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन कर इस बाबत मांग मुखर की गई.
उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन में संघ के अध्यक्ष डॉ. उमेश कुमार ने कहा है कि भारत सरकार ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को पूरे देश में लागू कर दी है. नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कंडिका 8-8 में प्रावधान दिए गए हैं कि अभिवंचित एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को क्लास 12 तक नि: शुल्क शिक्षा दिया जाना है.
आरटीई अधिनियम 2009 के तहत जमशेदपुर शहर के अलग-अलग निजी स्कूलों में नामांकित अभिवंचित एवं कमजोर वर्ग के बच्चे जो अब क्लास 8 पास कर 9 क्लास में चले गए हैं.
उन बच्चों से उनके स्कूल प्रबंधन ने स्कूल फीस की मांग यह कहते हुए करना शुरू कर दी है कि आरटीई अधिनियम 2009 में इन वर्ग के बच्चों को क्लास 8 तक ही नि: शुल्क शिक्षा देने के अधिकार दिए गए हैं.
पिछली बार जमशेदपुर अभिभावक संघ ने जिला प्रशासन के समक्ष इस मांग को उठाया था, तब जिला प्रशासन द्वारा यह कहा गया था कि स्कूल प्रबंधन जब इस संबंध में नोटिस दे तो तब जिला प्रशासन को अवगत कराएं. अब स्कूल प्रबंधनों द्वारा क्लास द्वारा क्लास 9 में गए अभिवंचित एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को नोटिस देना शुरू कर दिया है.
जमशेदपुर अभिभावक संघ ने मांग की कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधान के अनुरूप क्लास 9 में गए अभिवंचित एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को क्लास 12 तक नि:शुल्क शिक्षा देने को निजी स्कूलों को आदेश जारी किया जाए.

