
उदित वाणी, जमशेदपुर: सीएसआईआर की प्रयोगशाला एनएमएल जमशेदपुर में मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह मनाया गया. महिला दिवस का मुख्य विषय इम्प्रेसइक्विटी था.
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महाराष्ट्र आर्थिक विकास परिषद की सीईओ डॉ. सुगीता उपाध्याय थीं. अपने संबोधन में डॉ. उपाध्याय ने जमशेदजी टाटा की दीर्घकालिक दृष्टि के बारे में बात की, जो अपने समय से आगे था. उन्होंने बताया कि 1892 में उच्च शिक्षा के लिए जेएन टाटा ने एंडोमेंट की शुरुआत की.
यह भी कहा कि आज पुरुषों और महिलाओं के बीच समानता कभी हासिल नहीं की गई है, हालांकि इसे संबोधित करना हमेशा हमारी शिक्षा नीतियों में प्राथमिकता थी.
महिला शिक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि कैसे शिक्षा गुणवत्ता में सुधार करके श्रम बल के उत्पादन में वृद्धि की जा सकती है, जो आत्मनिर्भर आर्थिक विकास प्रक्रिया का स्रोत है. सीएसआईआर-एनएमएल के वैज्ञानिक डॉ. एम. तरफदार ने स्वागत भाषण दिया. डॉ. संचिता चक्रवर्ती, मुख्य वैज्ञानिक और समारोह की अध्यक्ष ने मुख्य अतिथि का परिचय दिया और कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी.
मुख्य अतिथि डॉ. सुगीता उपाध्याय ने कार्यक्रम के दौरान सभी चार आमंत्रित गणमान्य व्यक्तियों – डॉ. जया मोइत्रा, डॉ. मीनाक्षी मिश्रा, श्रीमती सुतापा रॉय और श्रीमती रीना को सम्मानित किया. सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन महिला कर्मचारियों द्वारा किया गया.
इस अवसर पर महिला कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा फुड स्टॉल, रंगोली, मेहंदी, कला प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं. दो सफाई महिला कर्मचारियों को वर्ष के दौरान उनके समर्पित कार्यों के लिए सम्मानित किया गया. आदित्य मैनक, प्रशासनिक अधिकारी, सीएसआईआर-एनएमएल ने धन्यवाद ज्ञापित किया और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आयोजन समिति के सभी सदस्यों की सराहना की.

