
उदित वाणी, जमशेदपुरः केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा गुजरात के केवड़िया में आयोजित तीन दिवसीय स्वास्थ्य चिंतन शिविर में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अरूण कुमार सिंह एवं झारखंड राज्य एड्स कंट्रोल सोसायटी के कार्यक्रम निदेशक भुवनेश प्रताप सिंह शामिल हुए हैं। शिविर के दौरान भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मिलकर झारखंड में व्याप्त कुपोषण जैसी समस्याओं से अवगत कराया गया। साथ ही बताया गया कि खनिज संपदा से भरपूर होने के बावजूद झारखंड पिछड़ा हुआ है, क्योंकि यह राज्य अपने हक से वंचित रहा है।

इसका मुख्य कारण है कि केंद्रीय सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के चयन के समय झारखंड के साथ सदैव पक्षपात किया जाता रहा है। मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि राजनैतिक प्रतिद्वंदिता में राज्यों का विकास बाधित नहीं होना चाहिए। राज्यों में किसी भी पार्टी की सरकार हो, केंद्र को योजनाओं के आवंटन में दोहरा मापदंड नहीं अपनाना चाहिए। मंत्री बन्ना गुप्ता ने जमशेदपुर, धनबाद एवं रांची के लिए तीन एम्स की मांग रखी। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से बुजुर्गों के लिए निशुल्क बूस्टर डोज मुहैया कराने की मांग की। कहा कि झारखंड एक गरीब राज्य है, यहां की जनता पर बूस्टर डोज के शुल्क का बोझ डालना उचित नहीं है।

