
उदित वाणी, रांची: अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर मोराहाबादी मैदान से पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सीएम आवास घेरने जा रहे झारखण्ड प्राथमिक शिक्षक संघ झारखण्ड प्रदेश के प्रदर्शनकारी शिक्षकों को जिला प्रशासन द्वारा रांची डीसी आवास के पास ही रोक दिया गया.
इसके बाद शिक्षकों ने वहीं सभा करके राज्य सरकार पर वादाखिलाफी करने व हिटलरशाही अत्याचार करने का आरोप लगाया. प्रारम्भिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि अधिकारियों द्वारा दिन प्रतिदिन शिक्षकों पर विभागीय शोषण किया जा रहा है. शिक्षक प्रतिनिधियों ने खुलेआम चुनौती एवं चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार उनकी जायज मांगों पर गंभीर नहीं हुई तो आनेवाले दिनों में पूरे प्रदेश प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को ठप करा देंगे और शिक्षक आगामी 17 दिसम्बर से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने को विवश होंगे.
वहीं शिक्षकों के कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता सभा स्थल पर पहुंचे और शिक्षक संघ के पांच सदस्यों प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र चौबे, महासचिव राममूर्ति ठाकुर, मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद, सुनील ठाकुर व सुधीर दुबे को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से वार्ता कराने सीएम हाउस लेकर गए.
लेकिन बताया गया कि मुख्यमंत्री के अस्वस्थ होने के कारण शिक्षक प्रतिनिधियों की उनसे मुलाकात नहीं हो पायी. अब मंत्री के पहल पर एक सप्ताह के अंदर शिक्षकों के साथ वार्ता की जायेगी. जबकि शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया कि वार्ता और मांगें पूरी नहीं हुई तो 17 दिसंबर से अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन पर पूरे प्रदेश के शिक्षक बैठेंगे.

