
जिले में अधूरेी पड़ी 6 सडक़ परियोजनाएं अधर में लटकीं
उदित वाणी, जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में छ: प्रमुख सडक़ परियोजनाएं अधर में लटकी हुई है. पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता के रिटायर होने के बाद से अब तक इस पद पर किसी की भी स्थायी तौर पर नियुक्ति नहीं हुई है.
जिसके कारण ये सारी परियोजनाओं पर काम नहीं हो पा रहा था. अब जबकि यहां का प्रभार सरायकेला के कार्यपालक अभियंता गणेश हेंब्रम को दिया गया. उसके बाद इन अधूरी पड़ी परियोजनाओं के पूरा होने की उम्मीद जगी थी लेकिन फंड की कमी के कारण अब इस उम्मीद पर भी पानी फिर गया है.
विभाग ने सरकार को पत्र लिखकर जिले में ठप पड़ी छह सडक़ों के निर्माण के लिए सात करोड़ रुपये की डिमांड की थी. लेकिन, इनमें से सिर्फ दो करोड़ रुपये का फंड मिला है. इसके चलते अधिकतर सडक़ों का निर्माण कार्य भी बाधित हो गया है.
जो फंड आया है, उसी में से पथ निर्माण विभाग ठेकेदारों को थोड़ी-थोड़ी रकम देकर निर्माण कार्य शुरू करा रहा है. जिले में लगभग छह नई सडक़ें बनाई जा रही हैं. फंड नहीं होने से इनका काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है.
इन सडक़ों का निर्माण कार्य बाधित
# बहरागोड़ा में एनएच-33 से पथरा तक
# पिताजुड़ी से गुड़ाबांदा तक
# गुड़ा पिकेट से धालभूमगढ़ एनएच 33 तक
# पोटका में कोवाली लायलम घाटी तक
# कवाली से डुमरिया तक
# गोविंदपुर के अन्ना चौक से एनएच-33 पीपला तक

