
उदित वाणी, जमशेदपुर : जमशेदपुर में स्वंयसेवी संगठन ‘संवाद’ द्वारा ‘स्टील सिटी युवा संसद (लोकसभा)’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश की परीक्षा प्रणाली के ज्वलंत मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। यह कार्यक्रम 12 जून और 13 जून 2026 को क्लब हाउस, क्यू-रोड, बिष्टुपुर में प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा।
युवा संसद का मुख्य एजेंडा NEET-UG परीक्षा से जुड़े हालिया संकट और CBSE की ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन (OSM) प्रणाली में पाई गई विसंगतियों के संदर्भ में भारत की समग्र परीक्षा व्यवस्था है। इस दौरान प्रश्नपत्र लीक की बढ़ती घटनाओं, सार्वजनिक भर्ती परीक्षाओं में विलंब तथा डिजिटल मूल्यांकन ढाँचों की पारदर्शिता एवं प्रभाव की भी समीक्षा की जाएगी।
उदित वाणी, नई दिल्ली : भारत की परीक्षा व्यवस्था इन दिनों गंभीर संकट का सामना कर रही है। NEET-UG परीक्षा में सामने आईं अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं, साथ ही केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के OSM मूल्यांकन तंत्र की विसंगतियों ने शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिक्षाविदों और नीति-निर्माताओं के अनुसार, देश में सार्वजनिक भर्ती परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक की घटनाएं और परिणामों में देरी चिंता का विषय बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल मूल्यांकन जैसे आधुनिक तंत्र को अपनाने के बावजूद, पारदर्शी प्रक्रिया और प्रभावी निगरानी का अभाव बड़ी चुनौतियों के रूप में उभर रहा है।
हाल ही में प्रकाशित एक समाचार के अनुसार, जमशेदपुर में आगामी NEET UG परीक्षा के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है, जिसमें 4,000 से अधिक परीक्षार्थी 8 परीक्षा केंद्रों पर शामिल होंगे। योजनानुसार, इस कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में विद्युत वरण महतो एवं धालभूम के एसडीओ अर्नब मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उद्घाटन 12 जून को प्रातः 11 बजे तथा समापन समारोह 13 जून को शाम 5 बजे नियत स्थान पर होगा।
कार्यक्रम के माध्यम से परीक्षा प्रणाली की चुनौतियों और सुधार की आवश्यकता पर युवाओं के विचार सामने लाने का भी प्रयास किया जाएगा। विशेषज्ञों का सुझाव है कि जवाबदेही तय करने, प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और तकनीकी समाधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता है, जिससे विद्यार्थियों का भरोसा बहाल किया जा सके। अभिनेत्री पारदर्शिता एवं जवाबदेही की दिशा में व्यापक सुधार आवश्यक हैं, ताकि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनी रह सके।
