
उदित वाणी, पूर्वी सिंहभूम: कोल्हान क्षेत्र में जंगली हाथियों का कहर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम जिलों में हाथियों के हमले की दो घटनाएँ सामने आई हैं, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।
सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल वन क्षेत्र के लावा कुटाम स्थित वनडीह टोला में गुरुवार देर रात एक जंगली हाथी गांव में घुस आया। रात के समय चम्पा मुंडा अपने घर में सो रही थीं, तभी हाथी ने घर को क्षतिग्रस्त करते हुए हमला कर दिया। इस दौरान परिजन जान बचाकर बाहर भाग निकले, लेकिन चम्पा मुंडा हाथी की चपेट में आ गईं।
हाथी ने उन्हें पटक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम वहां पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस दुखद घटना के बाद गांव में दहशत और भय का माहौल है। पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया प्रखंड के जमुआ पंचायत के इंदबनी गांव में भी हाथी के हमले की घटना घटी। शुक्रवार सुबह जब काबुल मुंडा (60) पैदल जा रहे थे, तभी अचानक एक हाथी ने उन पर हमला कर दिया और पटककर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
ग्रामीणों की मदद से घायल को अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए झाड़ग्राम, पश्चिम बंगाल रेफर किया गया। स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक इंदबनी जंगल क्षेत्र में तीन हाथियों का झुंड बीते कई दिनों से डेरा डाले हुए है।
इससे ग्रामीणों के बीच लगातार भय का वातावरण बना हुआ है। लोगों ने वन विभाग से हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से बाहर खदेड़ने एवं सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग की है। लगातार हो रही घटनाओं ने क्षेत्रवासियों को चिंता में डाल दिया है।

