उदित वाणी, जमशेदपुर: शहर में बढ़ती नशाखोरी, हत्या और अन्य सामाजिक बुराइयों पर अंकुश लगाने के लिए समाज सुधारक संस्था तन्ज़ीम अहले सुन्नत व जमात ने एक बड़ा कदम उठाया है। मानगो आजाद नगर स्थित अब्दुल बारी मेमोरियल लाइब्रेरी में उलेमा-ए-किराम के नेतृत्व में ‘तहरीक-ए-इस्लाह-ए-उम्मत’ नामक महा – अभियान की शुरुआत की गई।
बैठक में बनी समाज सुधार की विस्तृत रणनीति
इस अभियान को लेकर एदार-ए-शरीया और प्रोफेसर अब्दुल बारी मेमोरियल लाइब्रेरी में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें तन्ज़ीम अहले सुन्नत के पदाधिकारियों, शहर के उलेमा और गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज में फैली कुरीतियों को जड़ से मिटाने के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करना था।
दीनी तालीम और तरबियत पर उलेमा का ज़ोर
कार्यक्रम के दौरान मौलाना शमशादुल कादरी, मौलाना बुरहानुल होदा, मुफ्ती ज़िया उल मुस्तफा मिस्बाही और मुफ्ती आबिद हुसैन नूरी मिस्बाही ने अपने इस्लाही खिताबात (संबोधन) पेश किए। उलेमाओं ने हिकमत (बुद्धिमानी) और नेक बातों के जरिए लोगों को दीन की राह पर चलने की दावत दी। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों की बेहतर तालीम, तरबियत और उनके अख़लाक़ (आचरण) में सुधार लाने पर ज़ोर दिया ताकि युवा पीढ़ी को अपराध से बचाया जा सके।
नशाखोरी के खिलाफ निकलेगा मोटरसाइकिल जुलूस
बैठक के समापन पर विचार-विमर्श के दौरान यह निर्णय लिया गया कि नशाखोरी के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने के लिए जमशेदपुर के विभिन्न इलाकों में मोटरसाइकिल जुलूस निकाला जाएगा। कार्यक्रम का समापन रात साढ़े ग्यारह बजे दुरूद-ओ-सलाम और दुआ के साथ हुआ।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस कार्यक्रम में मुफ्ती आफ़ताब का़दरी, मौलाना इंतेखाब, मौलाना कलीम, हाफिज़ इमरान, मौलाना महफूज़, मौलाना ओवैस रज़ा, मौलाना महताब, हाफिज़ क़ारी अजाज़ इक़बाल अशरफ, ताहिर खान, शमशीर साहब और मुहम्मद यूसुफ समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे।


