उदित वाणी, जमशेदपुर : संपत्ति विवाद ने पारिवारिक रिश्तों को शर्मसार कर दिया, जहां 84 वर्षीय बुजुर्ग पिता शदरुल आलम के साथ उनके ही बेटों ने मारपीट की। इस मामले में अब न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद मानगो थाना पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करनी पड़ी है। न्यायिक दंडाधिकारी एस. तिग्गा की अदालत ने बीएनएसएस की धारा 175 के तहत आदेश जारी करते हुए थाना प्रभारी को कार्रवाई करने का निर्देश दिया था, जिसके अनुपालन में 2 मई को केस दर्ज किया गया।
संपत्ति के लिए सादे कागज पर हस्ताक्षर का दबाव
वादी शदरुल आलम की ओर से अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू एवं अधिवक्ता बबिता जैन ने अदालत में बताया कि 2 दिसंबर को उनके बेटों—रुस्तम आलम, मोहम्मद सलीमुद्दीन और शेख अमजद अली—सहित बहू शाहीन फातमा और पोते फैसल हुसैन व एहतेशाम आलम ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंची बेटी सायदा खातून को भी नहीं बख्शा गया।
बेटों, बहू और पोतों पर मारपीट का आरोप
बताया गया कि शदरुल आलम पहले ही अपने बेटों को रहने के लिए घर और दुकान दे चुके थे। इसके बावजूद अलग रहने के दौरान उन्हें प्रताड़ित किया जाने लगा। आरोप है कि आरोपियों ने सादे कागज पर जबरन हस्ताक्षर कराने की कोशिश की, और इंकार करने पर उनकी पिटाई कर दी गई। घायल अवस्था में उनका इलाज टीएमएच में कराया गया।
पीड़ित ने पहले मानगो थाना और फिर वरीय पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर अंततः उन्हें न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अदालत के आदेश के बाद अब मामले में पुलिस जांच शुरू हो गई है।


