
322 ए के सबसे यंगेस्ट डीजी सीए विवेक चौधरी की पूरी टीम लेगी शपथ
उदित वाणी, जमशेदपुरः झारखंड-बिहार में सबसे कम उम्र के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर (डीजी) बने शहर के प्रतिष्ठित सीए विवेक चौधरी की टीम का प्रतिस्थापन (इन्स्टॉलेशन) समारोह रविवार 17 जुलाई को होने जा रहा है. माइकल जॉन प्रेक्षागृह बिष्टुपुर में होने जा रहे डिस्ट्रिक्ट इन्स्टॉलेशन (डिस्ट्रिक्ट 322 ए) सेरेमनी में चौधरी की पूरी टीम शपथ लेगी.
नई टीम को इन्स्टॉलेशन कराने के लिए हैदराबाद से लायंस इंटरनेशनल के डायरेक्टर जीतेन्द्र सिंह चौहान आ रहे हैं. विवेक चौधरी का डिस्ट्रिक्ट गवर्नर के रूप में इन्स्टॉलेशन गत 24-28 जून के बीच कनाडा में हुए कन्वेंशन में हुआ था. लायंस इंटरनेशनल के प्रेसीडेन्ट ब्राअन शिहिन ने चौधरी को शपथ दिलाई थी.
विवेक चौधरी ने बताया कि डिस्ट्रिक्ट 322 ए की पूरी टीम आगामी 17 जुलाई को शपथ लेगी. इस समारोह में बिहार और झारखंड के 90 लायंस क्लबों के 500 से ज्यादा प्रतिनिधि भाग लेने शहर पहुंच रहे हैं. उन्होंने बताया कि जमशेदपुर में यह सम्मेलन 10 साल बाद हो रहा हैं. यह 322 ए डिस्ट्रिक्ट का 57 वां सम्मेलन होगा.
इस समारोह में भाग लेने आ रहे सारे प्रतिनिधियों को पहली बार साफा, अंग वस्त्र और लायंस पिन देकर सम्मानित किया जाएगा. सुबह 10 बजे समारोह का उदघाटन होगा. दो सत्रों में होने वाले समारोह में पहले सत्र में डिस्ट्रिक्ट की नई टीम शपथ लेगी. दूसरे सत्र में नये डिस्ट्रिक्ट गवर्नर कैबिनेट मीटिंग करेंगे. कैबिनेट मीटिंग में तय होगा कि अगले एक साल लायंस के होने वाले विभिन्न प्रोजेक्ट की जिम्मेवारी किसे सौंपी जाएगी.
2011 में एक सदस्य के तौर पर लायंस क्लब में शामिल हुए थे विवेक
विवेक चौधरी ने 2011 में लायंस क्लब ऑफ जमशेदपुर सेंटेनरी की सदस्यता ली थी. लेकिन बहुत कम समय में अपनी प्रशासनिक और नेतृत्व क्षमता की बदौलत डिस्ट्रिक्ट गवर्नर तक का सफर तय किया. उन्होंने बताया कि उनकी कोशिश होगी कि जमशेदपुर में लायंस का एक हॉस्पिटल हो. इसके लिए प्रयास चल रहा है.
यही नहीं लायंस नेत्र चिकित्सा को लेकर काफी कैंप लगाता है, लेकिन उनका प्रयास होगा कि आंख और डायलिसिस जैसी सेवा के लिए स्थायी ढ़ाचागत संरचना हो, ताकि गरीब लोगों का इसका लाभ मिल सकें. इसके अलावा इस साल डायवर्सिटी एंड स्माइल के तहत देश भर के सारे लायंस सदस्यों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने की कोशिश होगी. विजन प्रोजेक्ट के साथ ही गरीबों को खाने खिलाने, मधुमेह की जांच और युवाओं को रोजगार के लिए प्रशिक्षण देने के लिए प्रोजेक्ट होंगे.

