
उदित वाणी, बहरागोड़ा: झारखंड के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र में अवैध बालू उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। सुवर्णरेखा नदी के तट पर स्थित मधुआबेड़ा गांव में छापेमारी कर प्रशासन ने बालू से लदे दो ट्रैक्टरों को जब्त किया है। अंचल अधिकारी (सीओ) राजाराम मुंडा के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
सुबह-सुबह हुई अचानक छापेमारी
जानकारी के अनुसार, मधुआबेड़ा स्थित सुवर्णरेखा नदी घाट से अवैध रूप से बालू उठाव की गुप्त सूचना प्रशासन को मिली थी। सीओ राजाराम मुंडा के निर्देश पर टीम ने कार्रवाई करते हुए मौके से दो ट्रैक्टरों को पकड़ा। अधिकारियों के पहुंचते ही वहां भगदड़ मच गई। जब्त किए गए दोनों ट्रैक्टरों को फिलहाल बहरागोड़ा थाना परिसर में सुरक्षित रखा गया है।
भोर होते ही शुरू हो जाता है अवैध खेल
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि सुवर्णरेखा नदी से अवैध बालू का उठाव एक संगठित तरीके से चल रहा है।
लोडिंग का समय: हर दिन सुबह उजाला होने से पहले ही ट्रैक्टरों के जरिए बालू की लोडिंग शुरू हो जाती है।
सप्लाई चेन: यहाँ से बालू को बहरागोड़ा बाजार, चाकुलिया और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ऊंची कीमतों पर सप्लाई किया जाता है।
राजस्व की हानि: इस अवैध कारोबार के कारण सरकार को हर दिन लाखों रुपये के राजस्व की क्षति हो रही है।
थाना प्रभारी और सीओ का बयान
अंचल अधिकारी राजाराम मुंडा ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि अवैध खनन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, बहरागोड़ा थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि:
“अंचलाधिकारी की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। दोनों ट्रैक्टर मालिकों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध मामला दर्ज करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।”
स्थनीय लोगों की मांग
क्षेत्र में अवैध बालू उठाव की बढ़ती घटनाओं से स्थानीय लोग चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन बालू माफियाओं पर स्थायी लगाम लगाने के लिए नदी घाटों पर निरंतर निगरानी और कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है।

