
उदित वाणी, रांची : राजधानी रांची के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान संत अन्ना गर्ल्स हाई स्कूल के स्वर्ण जयंती (गोल्डन जुबली) समारोह का आयोजन भव्यता के साथ किया गया. इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की शामिल हुईं.
शिक्षकों की निष्ठा और संस्थान की शक्ति
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि शिक्षकों की निष्ठा और समर्पण ही किसी भी शैक्षणिक संस्थान की वास्तविक शक्ति होती है. उन्होंने जोर देकर कहा कि इसी समर्पण का परिणाम है कि संत अन्ना गर्ल्स हाई स्कूल आज एक सशक्त एवं विश्वसनीय संस्थान के रूप में स्थापित है, जिस पर पूरे झारखंड को अटूट भरोसा और गर्व है. उन्होंने विद्यालय के 50 वर्षों के गौरवशाली सफर की सराहना करते हुए इसे दृढ़ संकल्प और निरंतर परिश्रम का प्रतिफल बताया.
बालिका शिक्षा और बहुआयामी विकास का मॉडल
मंत्री ने विशेषकर बालिका शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालय की उपलब्धियों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया. उन्होंने कहा कि यह संस्थान केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही नहीं दे रहा, बल्कि शिक्षा, खेल, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के माध्यम से छात्राओं का बहुआयामी विकास कर रहा है. शिल्पी नेहा तिर्की ने 21वीं सदी की शिक्षा को परिभाषित करते हुए कहा कि आज की शिक्षा केवल कक्षा और करियर तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि इसे सामाजिक और वैश्विक परिवेश के अनुरूप विकसित होना होगा.
जिज्ञासा और सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जिसमें अनुशासन के साथ प्रश्न पूछने का साहस और संवेदनशीलता का समावेश हो. बच्चों की जिज्ञासा को रोकना उनके विकास में बाधक बन सकता है. उन्होंने विद्यालय प्रबंधन, संस्थापकों और सिस्टर्स के योगदान को संघर्ष और दूरदर्शी नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताया.
समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
स्वर्ण जयंती समारोह के गरिमामय अवसर पर आर्च बिशप विंसेंट आइंद, विधायक सीपी सिंह, फादर अजीत खेस, फादर मनोज और संत अन्ना की प्रधानाध्यापिका सिस्टर सेलिना बाड़ा ने भी अपने विचार साझा किए. कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन के सदस्य, बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं, वर्तमान और पूर्व छात्राएं उपस्थित थीं. पूरा समारोह उत्साह और प्रेरणा से परिपूर्ण रहा.

